UP News: यूपी के इस चपरासी ने साली-सास और 3 बीवियों को बांट दिए 8 करोड़ रुपये, जीता था रईसों वाली जिंदगी, फिर जो हुआ… – INA

Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक चपरासी की चर्चा है, जिसने अपनी शातिर बुद्धि से पूरे शिक्षा विभाग और ट्रेजरी सिस्टम को घुटनों पर ला दिया. पीलीभीत के DIOS कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम-उर्र-रहमान शम्सी ने भ्रष्टाचार की ऐसी इबारत लिखी, जिसने सरकारी सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है. इल्हाम की आधिकारिक तैनाती बीसलपुर के एक इंटर कॉलेज में थी, लेकिन अपनी रसूख और जुगाड़ के दम पर उसने 8 साल पहले जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में अटैचमेंट करा लिया. यहां उसने ट्रेजरी (खजाना) के कामकाज और सैलरी बिल पास करने की प्रक्रिया को बारीकी से समझा.
उसने देखा कि सिस्टम में कुछ खामियां हैं जिनका फायदा उठाया जा सकता है. इल्हाम ने फर्जी ‘बेनेफिशियरी आईडी’ बनाना शुरू किया. उसने कागजों पर अपने परिवार वालों और रिश्तेदारों को फर्जी शिक्षक और बाबू दर्शाया. इसके बाद वह खुद ही सैलरी के टोकन जनरेट करता और सरकारी पैसा सीधे अपने चहेतों के खातों में ट्रांसफर कर देता. यह खेल साल 2018 के आसपास शुरू हुआ और फरवरी 2026 तक बेखौफ चलता रहा.
रिश्तेदारों के खातों में करोड़ों की ‘बारिश’
जांच के दौरान जब पुलिस ने इल्हाम के सिंडिकेट के बैंक खातों को खंगाला, तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई. इल्हाम ने अपनी तीन पत्नियों, सास, साली और परिचितों के खातों में करोड़ों रुपये भेजे थे. कुल मिलाकर 53 संदिग्ध खातों के जरिए 8.15 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई. यह पैसा वेतन और स्कूलों के फर्जी निर्माण कार्यों के नाम पर निकाला गया था.
| नाम और रिश्ता | प्राप्त धनराशि (लगभग) |
| लुबना (पत्नी) | 2.37 करोड़ रुपये |
| अजारा खान (पत्नी) | 2.12 करोड़ रुपये |
| अर्शी खातून (पहली पत्नी) | 1.15 करोड़ रुपये |
| परवीन व आशकारा (परिचित) | 86.55 लाख रुपये |
| फातिमा नवी (साली) | 1.03 करोड़ रुपये |
| नाहिद (सास)आफिया (रिश्तेदार) | 95.28 लाख रुपये |
| आफिया (रिश्तेदार) | 80.68 लाख रुपये |
तीन बीवियां और ‘लग्जरी लाइफस्टाइल’
इल्हाम की कहानी सिर्फ आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं है, यह सामाजिक धोखे की भी पराकाष्ठा है. उसने तीन शादियां की थीं- पहली अर्शी, दूसरी अजारा और तीसरी लुबना. हैरानी की बात यह है कि तीनों पत्नियां अलग-अलग शहरों में रहती थीं और उन्हें एक-दूसरे के अस्तित्व के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
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इल्हाम ने खुद को एक अमीर बिजनेसमैन या प्रभावशाली अधिकारी के रूप में पेश किया था. वह अपनी प्रेमिकाओं और पत्नियों को महंगे फ्लैट, जमीन और लग्जरी गाड़ियां गिफ्ट करता था। उसकी एक पत्नी बुलंदशहर की थी तो दूसरी संभल की, लेकिन इल्हाम ने अपनी चतुराई से सबको अलग-अलग ‘हैप्पी होम’ का अहसास कराया। जब पुलिस ने दूसरी पत्नी अजारा खान से पूछताछ की, तो उसने साफ कहा, “मुझे नहीं पता था कि उसकी कोई और बीवी भी है.”
भंडाफोड़: एक चिट्ठी ने बिगाड़ा खेल
इल्हाम का यह साम्राज्य तब ढह गया जब फरवरी 2026 में बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर को एक संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखा. ट्रेजरी से एक ही बार में 1.15 करोड़ रुपये एक निजी खाते (अर्शी खातून) में भेजे गए थे. मैनेजर ने तुरंत इसकी सूचना पीलीभीत के डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को दी.
डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की, जिसने परतों को उखाड़ना शुरू किया. जांच में पाया गया कि पिछले 8 सालों से DIOS ऑफिस के कंप्यूटर से फर्जी शिक्षकों के नाम पर बिल जेनरेट हो रहे थे. मास्टरमाइंड के तौर पर इल्हाम का नाम सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया.
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का अगला कदम
पीलीभीत पुलिस ने अब तक इल्हाम की दो पत्नियों, सास और साली समेत 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उसकी पहली पत्नी अर्शी पहले ही जेल जा चुकी है. पुलिस ने अलग-अलग खातों में जमा 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं. हालांकि, मुख्य आरोपी इल्हाम ने 30 मार्च को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी, लेकिन पुलिस अब उस जमानत को निरस्त कराने और गबन की पूरी राशि वसूलने की तैयारी में है.
एएसपी विक्रम दहिया के अनुसार, “यह एक सुनियोजित वित्तीय अपराध है. हम इस नेटवर्क में शामिल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों और बाबुओं की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, क्योंकि बिना मिलीभगत के एक चपरासी इतना बड़ा घोटाला अकेले नहीं कर सकता.”
यूपी के इस चपरासी ने साली-सास और 3 बीवियों को बांट दिए 8 करोड़ रुपये, जीता था रईसों वाली जिंदगी, फिर जो हुआ…
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