UP News: लूटी थी मासूम की अस्मत, हैवान ‘किन्नू’ अब मरते दम तक सलाखों के पीछे रहेगा, मुरादाबाद कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा – INA

Moradabad POCSO Court: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में विशेष पॉक्सो अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साढ़े छह साल पुराने अपराध में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपराधी का नाम सत्यभान उर्फ ‘किन्नू’ है. यह मामला 24 दिसंबर 2019 का है. मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र के भदासना हवाई पट्टी के पास वारदात को अंजाम दिया गया था.
आरोपी सत्यभान ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर हवाई पट्टी के पास स्थित एक सुनसान प्लांट में ले गया और रेप किया. पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल ने इस केस पर पैनी नजर रखी.
कोर्ट ने अपराधी को दोषी करार दिया
डिप्टी एसपी रामसागर और मूंढापांडे थाने के पैरोकार हेड कांस्टेबल सुमित ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खां और मनोज गुप्ता ने अदालत में इतने मज़बूत साक्ष्य और दलीलें पेश कीं कि अपराधी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) छाया शर्मा की अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर सत्यभान को दोषी करार दिया.
आजीवन कारावास की सजा सुनाई
कोर्ट ने अपराधी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न्याय केवल एक पीड़िता की जीत नहीं है, बल्कि उन तमाम असामाजिक तत्वों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो मासूमों को अपना निशाना बनाते हैं. इस फैसले से जहां पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है, वहीं मुरादाबाद में कानून के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है. पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लूटी थी मासूम की अस्मत, हैवान ‘किन्नू’ अब मरते दम तक सलाखों के पीछे रहेगा, मुरादाबाद कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,



