UP News: 12वीं पास, फर्जी डिग्री, खुद को बताता MBBS… लखनऊ KGMU से डॉ. हसम अरेस्ट, चला रहा था ये बड़ा रैकेट – INA

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक कथित फर्जी डॉक्टर (KGMU fake doctor) को पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने का मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपी की पहचान हसम अहमद के रूप में की गई है. प्रशासन के अनुसार, आरोपी पर केजीएमयू के नाम, मोहर और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा छात्रों, विशेषकर छात्राओं से संपर्क स्थापित करने के आरोप हैं.
प्रवक्ता डॉ. केके. सिंह के मुताबिक, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद कुलपति के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई थी. निगरानी के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा छात्रों को कथित कार्यक्रमों के नाम पर जोड़ने और बाहर ले जाने की योजना बनाई जा रही थी. इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए आरोपी हसम अहमद को पकड़ा गया और बाद में पुलिस को सौंप दिया गया.
प्रेस वार्ता में जिन दस्तावेजों को प्रस्तुत किया गया, उनमें भारतीय गौरव प्रतिभा सम्मान 2026 का प्रशंसा प्रमाणपत्र, 2 मार्च 2026 का होली अवकाश नोटिस तथा 13 अप्रैल 2026 का एमबीबीएस 2023 बैच के चयन से संबंधित नोटिस शामिल हैं. इन सभी दस्तावेजों पर केजीएमयू का नाम, मोहर और डीन के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय ने प्रथम दृष्टया फर्जी बताया है.
कैंपस में लगाता था कैंप
प्रशासन के अनुसार, हसम अहमद स्वयं को डॉक्टर बताकर मेडिकल कैंप आयोजित करता था और डॉक्टर की वेशभूषा में विभिन्न विभागों में आने-जाने का प्रयास करता था. 20 अप्रैल को एक ऐसे ही कैंप में गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई और बाद में सर्जरी विभाग के पास उसे पकड़ लिया गया. इसके बाद ब्राउन हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपी को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया.
फर्जी लेटरहेड-हस्ताक्षर का करता था इस्तेमाल
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट तक बताई है और लखनऊ के एक इंटर कॉलेज से पढ़ाई करने की जानकारी दी है. उसने समाज सेवा के नाम पर एक संस्था संचालित करने की बात भी कही है. हालांकि, स्वयं को डॉक्टर बताने, अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता तथा छात्राओं से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी. जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षरों का उपयोग कर छात्रों को कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पत्र भेजे गए थे, जिनमें एम्स, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रमों का उल्लेख भी किया गया था.
ये भी पढ़ें: प्रयागराज जंक्शन से हटेगी संगमरमर मस्जिद! रेलवे ने जारी किया नोटिस, 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
केजीएमयू प्रशासन ने कही ये बात
केजीएमयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान के नाम और पहचान का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.साथ ही, छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें. फिलहाल, पुलिस द्वारा हसम अहमद से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
12वीं पास, फर्जी डिग्री, खुद को बताता MBBS… लखनऊ KGMU से डॉ. हसम अरेस्ट, चला रहा था ये बड़ा रैकेट
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,



