UP News: 13 प्रोजेक्ट, 1300 करोड़ का निवेश और 8 जिले… UP RERA के फैसले से बूस्ट होगा ये सेक्टर – INA

Lucknow News: उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने कुल ₹1,300.38 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है. राज्य के आठ जिलों में फैली इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 1,976 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिससे प्रदेश में संगठित रियल एस्टेट विकास और नियोजित शहरी विस्तार को और मजबूती मिलेगी.
इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित 200वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गई और नियामकीय मानकों के अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. प्राधिकरण ने दोहराया कि समयबद्ध अनुमोदन और कड़ी निगरानी से पारदर्शिता, जवाबदेही और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग की परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आवास उपलब्धता बढ़ाना और व्यावसायिक अवसंरचना को मजबूत करना है. इन अनुमोदनों के माध्यम से रेरा नियोजित विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ परियोजनाओं की समय-सीमा और नियामकीय प्रावधानों के पालन को सुनिश्चित कर रहा है.
8 जिलों में परियोजना अनुमोदन
निवेश और इकाइयों की संख्या दोनों के मामले में गाजियाबाद अग्रणी रहा. जिले में ₹767.58 करोड़ की लागत वाली दो आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनके तहत कुल 1,137 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा. इससे गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रमुख रियल एस्टेट गंतव्य के रूप में और मजबूत होगा.
लखनऊ में सबसे अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति मिली. राज्य की राजधानी में ₹66.55 करोड़ लागत की कुल पांच परियोजनाएं मंजूर की गईं. इन परियोजनाओं के तहत 404 इकाइयों का विकास होगा, जिनमें दो आवासीय, दो व्यावसायिक और एक मिश्रित उपयोग की परियोजना शामिल है. इससे शहर में आवासीय और व्यावसायिक ढांचे का संतुलित विकास होगा.
- गौतम बुद्ध नगर में ₹141.14 करोड़ लागत की एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत 21 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा.
- मथुरा में ₹160.93 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत 198 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी.
- इसी प्रकार सहारनपुर में ₹131.49 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना मंजूर की गई है, जिसमें 83 आवासीय इकाइयों का विकास होगा.
- बरेली में ₹16.33 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसके अंतर्गत 84 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी.
- वाराणसी में ₹2.50 करोड़ लागत की एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 20 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा.
- इसके अतिरिक्त मुरादाबाद में ₹13.86 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें 29 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी.
आर्थिक गतिविधि और रोजगार को बढ़ावा
इन परियोजनाओं में ₹1,300.38 करोड़ से अधिक का कुल निवेश निर्माण चरण के दौरान रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा. निर्माण सामग्री, श्रम, इंजीनियरिंग सेवाओं, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में मांग बढ़ने से संबंधित जिलों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
पारदर्शिता और खरीदारों का विश्वास मजबूत
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश का लगातार प्रवाह राज्य सरकार की सुधारोन्मुख नीतियों और यूपी रेरा की मजबूत नियामकीय निगरानी का सकारात्मक परिणाम है. सरल अनुमोदन प्रक्रिया, नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. साथ ही घर खरीदारों की सुरक्षा को भी मजबूत किया है. ये प्रयास राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और स्थिरता को बढ़ावा दे रहे हैं.
यूपी रेरा के अध्यक्ष ने दी जानकारी
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शी और सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि 200वीं प्राधिकरण बैठक एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उत्तर प्रदेश में निरंतर विकास की गति को दर्शाती है.
उन्होंने यह भी कहा कि यूपी रेरा समयबद्ध अनुमोदन, कड़ी निगरानी और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राज्य में संतुलित शहरी विकास को आगे बढ़ाता रहेगा. इस बैठक में दी गई स्वीकृतियों से निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा और उत्तर प्रदेश में व्यवस्थित और नियोजित रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा मिलेगा.
13 प्रोजेक्ट, 1300 करोड़ का निवेश और 8 जिले… UP RERA के फैसले से बूस्ट होगा ये सेक्टर
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,


