UP News: MLC चुनाव के वोटों की गिनती के बीच अखिलेश का BJP-EC पर हमला, बताया चुनावी गिरोह – INA

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी, चुनाव आयोग और प्रशासन पर मिलकर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी को चुनावी गिरोह करार दिया. अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी की जाती है, मतदान के दिन विपक्ष के समर्थकों को वोट डालने से रोका जाता है और मतगणना के दौरान भी अनियमितताएं होती हैं.
अखिलेश यादव ने लखनऊ से सपा की MLC उम्मीदवार कांति सिंह के बूथ नंबर 97 का जिक्र करते हुए बिना फोल्ड किए हुए बैलेट मिलने पर सवाल उठाया. इससे पहले सपा प्रमुख ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी मतदाता सूची, SIR और मतदान केंद्रों की व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा था.
अखिलेश का आरोप- चुनावी घपले के तीन स्तर
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन के त्रिगुट ने चुनावी घपले का त्रिस्तरीय पाठ्यक्रम बना रखा है.’ उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के तीन स्तर गिनाए- चुनाव से पहले: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, मतदान के दौरान: अपने लोगों से फर्जी मतदान कराने और विपक्ष के समर्थकों को मतदाता सूची में नाम या पहचान के मिलान का हवाला देकर वोट डालने से रोकने का आरोप, मतगणना और नतीजों के समय: चुनावी गणना और परिणामों में गड़बड़ी का आरोप. इसी के साथ अखिलेश ने बीजेपी को चुनावी गिरोह कहा.
कांति सिंह के बूथ नंबर 97 पर बैलेट को लेकर सवाल
अखिलेश यादव ने लखनऊ से सपा की MLC उम्मीदवार कांति सिंह के बूथ नंबर 97 पर बिना फोल्ड किए हुए बैलेट मिलने का मुद्दा उठाया. उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितता से जोड़ते हुए सवाल किया कि इस तरह की स्थिति कैसे पैदा हुई. इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान मऊ के बूथ नंबर 115 की मतपेटी में दर्ज रिकॉर्ड से 52 वोट अधिक मिलने का दावा भी सामने आया था. रिकॉर्ड में 623 वोट दर्ज होने के बावजूद मतपेटी में 675 वोट मिलने की बात कही गई थी. इसके अलावा देवरिया के बनकटा क्षेत्र से आई एक मतपेटी बिना सील मिलने की शिकायत भी की गई थी.
धर्मेंद्र कश्यप और कीर्ति कश्यप के सपा में आने पर बोले अखिलेश
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप के समाजवादी पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग दलों के नेता PDA को मजबूत करने के लिए एक साथ आ रहे हैं. अखिलेश ने कहा कि उन्हें याद है कि जब धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी छोड़ने का फैसला किया था, तभी उनकी इच्छा थी कि वह सपा में शामिल हों. उन्होंने नीरज मौर्य और शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि PDA को मजबूत करने के लिए विभिन्न सामाजिक वर्गों के नेताओं का एकजुट होना जरूरी है.
वहीं, शिवपाल यादव ने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप उनके पुराने साथी रहे हैं और दोनों ने साथ काम किया है. उन्होंने कीर्ति कश्यप के पार्टी में आने को भी खुशी की बात बताया. शिवपाल ने कहा कि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी वर्गों और जातियों के लोगों को जोड़ने का प्रयास करेगी.
‘चुनाव की तारीख आएगी, उसी दिन बीजेपी हार जाएगी’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनाव की तारीख घोषित होते ही बीजेपी की हार तय हो जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को चुनाव जीतने के लिए बेईमानी और हेराफेरी का सहारा लेना पड़ रहा है और प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक दल के बजाय कॉरपोरेट हाउस की तरह चुनावी प्रबंधन कर रही है. अखिलेश ने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम काटने के लिए SIR का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार से आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की मांग की.
आधार और बायोमेट्रिक से मतदाता पहचान जोड़ने का सुझाव
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान के दौरान बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि जब सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और अन्य प्रक्रियाओं में बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, तो मतदान के दौरान भी तकनीक की मदद से मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन बूथों पर सपा समर्थकों की संख्या ज्यादा होती है, वहां मशीनें कम रखी जाती हैं और लंबी कतारों के कारण मतदाताओं को परेशानी होती है. इसके उलट, उन्होंने बीजेपी के प्रभाव वाले बूथों पर अधिक मशीनें होने का आरोप लगाया.
MLC चुनाव के वोटों की गिनती के बीच अखिलेश का BJP-EC पर हमला, बताया चुनावी गिरोह
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