UP News: नोएडा में 12.5 एकड़ जमीन के लिए 1850 करोड़ रुपए की बोली, आखिर सेक्टर-108 में ऐसा क्या है? – INA

Noida News: नोएडा के सेक्टर-108 में 12.5 एकड़ जमीन के लिए करीब 1850 करोड़ रुपए की बोली ने रियल एस्टेट बाजार का ध्यान खींचा है. नोएडा प्राधिकरण ने इस जमीन की रिजर्व कीमत करीब 835 करोड़ रुपए रखी थी, लेकिन नीलामी में बोली इससे दोगुने से भी ज्यादा स्तर तक पहुंच गई. M3M सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी रही, जबकि DLF ने भी इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया.

रिजर्व कीमत से दोगुने से ज्यादा पहुंची बोली

नोएडा के सेक्टर-108 में 12.5 एकड़ जमीन के लिए हुई नीलामी में करीब 1850 करोड़ रुपए की बोली लगी है. प्राधिकरण ने इस जमीन के लिए करीब 835 करोड़ रुपए की रिजर्व कीमत तय की थी. ऐसे में अंतिम बोली ने सभी का ध्यान खींचा है. इस जमीन को मिक्स्ड यूज यानी मिश्रित उपयोग के लिए रखा गया है. इसका मतलब है कि यहां रिहायशी के साथ-साथ कमर्शियल प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा सकते हैं. M3M ने सबसे ऊंची बोली लगाई है, जबकि DLF समेत दूसरी बड़ी कंपनियों ने भी नीलामी में हिस्सा लिया.

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सेक्टर-108 की लोकेशन क्यों है खास?

इस जमीन की इतनी बड़ी कीमत के पीछे सबसे अहम वजह इसकी लोकेशन मानी जा रही है. नोएडा के पुराने और विकसित इलाकों में अब बड़े भूखंडों की उपलब्धता लगातार सीमित हो रही है. सेक्टर-19, 27, 28 और 30 जैसे इलाकों में बड़े प्लॉट आसानी से उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास मौजूद जमीन पर है. सेक्टर-108 भी इसी तेजी से विकसित हो रहे इलाके का हिस्सा है. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और आसपास विकसित हो रहे रिहायशी और कमर्शियल इलाकों की वजह से इस क्षेत्र में जमीन की मांग बढ़ी है.

आसपास पहले से मौजूद हैं प्रीमियम प्रोजेक्ट

सेक्टर-108 और इसके आसपास के इलाकों में पहले से कई रिहायशी और कमर्शियल गतिविधियां मौजूद हैं. यहां हाई-एंड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट, ऑफिस और दूसरी सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं. इसका फायदा नए प्रोजेक्ट को मिल सकता है. बड़े डेवलपर के लिए ऐसे इलाके में प्रोजेक्ट तैयार करना इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यहां पहले से ही संभावित ग्राहकों का आधार मौजूद रहता है. भविष्य में रेस्टोरेंट, शॉपिंग, ऑफिस और दूसरी कमर्शियल सुविधाओं की मांग बढ़ने की संभावना भी इस जमीन की कीमत को प्रभावित करती है.

सिर्फ फ्लैट नहीं, कमर्शियल प्रोजेक्ट भी बन सकेंगे

नीलामी की गई 12.5 एकड़ जमीन को मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित किया गया है. इसमें अधिकतम करीब 40 फीसदी हिस्सा रेजिडेंशियल और करीब 60 फीसदी हिस्सा कमर्शियल इस्तेमाल में लिया जा सकता है. यानी यहां सिर्फ फ्लैट या रिहायशी टावर ही नहीं बनाए जाएंगे. ऑफिस, दुकानें और दूसरी कमर्शियल सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं. यही वजह है कि डेवलपर्स के लिए इस जमीन की संभावित कमाई केवल आवासीय बिक्री तक सीमित नहीं रहेगी.

एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी अहम

सेक्टर-108 की लोकेशन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुई है. इसके अलावा जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को भी आने वाले समय के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक्सप्रेस-वे के आसपास तेजी से हो रहे विकास और सीमित जमीन की उपलब्धता के कारण बड़े भूखंडों की मांग बढ़ रही है. ऐसे में बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी जमीन की बोली को ऊपर ले जा सकती है.

1850 करोड़ की बोली क्यों चर्चा में?

12.5 एकड़ जमीन के लिए 1850 करोड़ रुपए की बोली को प्रति एकड़ के हिसाब से देखें तो यह करीब 147 करोड़ रुपए प्रति एकड़ बैठती है. यही वजह है कि यह नीलामी नोएडा के बड़े जमीन सौदों में चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, जमीन की ऊंची कीमत का सीधा मतलब यह नहीं है कि यहां बनने वाले फ्लैट या ऑफिस भी उसी अनुपात में महंगे होंगे.

किसी प्रोजेक्ट की अंतिम कीमत तय करने में निर्माण लागत, प्राधिकरण की मंजूरी, वित्तीय लागत, डेवलपमेंट खर्च और बाजार की मांग जैसे कई दूसरे कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं. फिलहाल सेक्टर-108 की इस जमीन की नीलामी ने यह जरूर दिखाया है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के आसपास अच्छी लोकेशन वाले बड़े भूखंडों को लेकर डेवलपर्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है.

नोएडा में 12.5 एकड़ जमीन के लिए 1850 करोड़ रुपए की बोली, आखिर सेक्टर-108 में ऐसा क्या है?


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