UP News: Kaushambi Firecracker Factory Blast: 2 साल पहले सील हुई थी पटाखा फैक्ट्री, फिर कैसे बन रहा था ‘मौत’ का सामान? 11 लोगों की गई जान – INA

Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा. प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर के मोहम्मदपुर गांव में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल बताए हो गए. घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है. विस्फोट इतना तेज था कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई. आसपास के 8 से 10 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए. हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं. मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. मौके पर बुलडोजर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है.
हादसा कौशांबी के मोहम्मदपुर गांव में सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुआ. यह इलाका प्रयागराज जिले की सीमा के पास है. मौके से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन की दूरी करीब दो किलोमीटर है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक मकान से धुआं उठता दिखाई दिया. इसके कुछ देर बाद तेज धमाका हुआ. इसके बाद पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे. धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. विस्फोट के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
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पूरी तरह ढह गई पटाखा फैक्ट्री
बताया गया कि पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री करीब 800 वर्गफीट क्षेत्र में बनी थी. यह एक मंजिला इमारत थी. विस्फोट के बाद फैक्ट्री पूरी तरह ढह गई. मलबे की चपेट में आसपास के मकान भी आए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 100 मीटर के दायरे में बने कई घरों को नुकसान पहुंचा है. इनमें कुछ मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए. एक मकान की तीसरी मंजिल में भी धमाके के कारण बड़ा छेद हो गया.
मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 20 मजदूरों काम कर रहे थे. आसपास के घरों में रहने वाले कुछ लोग भी विस्फोट की चपेट में आए. हादसे के बाद करीब 200 पुलिस और राहतकर्मी मौके पर रेस्क्यू में जुटे. मलबा हटाने के लिए करीब 10 बुलडोजर लगाए गए. प्रशासन को आशंका है कि मलबे के नीचे कुछ और लोग दबे हो सकते हैं. ऐसे में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है.
घायलों को SRN अस्पताल भेजा गया
गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल भेजा गया. अस्पताल के प्राचार्य एके वर्मा के मुताबिक, अस्पताल में कई घायल और मृतक लाए गए. उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल इलाज दिया गया. एक घायल की हालत गंभीर बताई गई है. उसके सिर और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है. घायलों में बच्चों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है.
बिजली के खंभे के बाद धमाके की बात
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से कुछ देर पहले बिजली का खंभा गिरा था. इसके बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में आग लगने और धमाका होने की बात कही जा रही है. हालांकि, प्रशासन ने अभी विस्फोट की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस और संबंधित टीमें यह जांच कर रही हैं कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण किस तरह किया जा रहा था और सुरक्षा के क्या इंतजाम थे.
फैक्ट्री के लाइसेंस की भी जांच
प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि पटाखा फैक्ट्री के लाइसेंस को करीब दो साल पहले निरस्त किया गया था. प्रशासन अब इसकी भी जांच कर रहा है कि इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण या भंडारण कैसे हो रहा था. फैक्ट्री मालिक का नाम आदिल बताया गया है. प्रशासन की ओर से फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज और लाइसेंस की स्थिति की जांच की जा रही है. इसके अलावा, आदिल से जुड़े अन्य कारखानों को भी सील किए जाने की जानकारी सामने आई है.
आसपास के परिवारों पर टूटा कहर
धमाके का असर आसपास रहने वाले परिवारों पर भी पड़ा. कई घरों में रहने वाले लोग मलबे की चपेट में आ गए. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ परिवारों के कई सदस्य हादसे में घायल या लापता हुए. एक महिला रानी ने अस्पताल में बताया कि धमाके के बाद उनके परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए थे. प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला. इलाके में रहने वाले कई परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कार्रवाई भी की गई.
गांव में मची अफरा-तफरी
धमाके के बाद मोहम्मदपुर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. कुछ स्थानीय लोग घायलों को चारपाई और अन्य साधनों से अस्पताल पहुंचाते नजर आए. पुलिस ने किसी अन्य हादसे की आशंका को देखते हुए आसपास के इलाके को खाली कराया. फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के बाद रेस्क्यू टीमों को मलबा हटाने में मदद की.
डीएम बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं. प्रयागराज और कौशांबी दोनों जिलों की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं. डीएम के मुताबिक, घटना की जांच की जा रही है. जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. संपत्ति जब्त करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
मुख्यमंत्री योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी में हुए हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है.
Kaushambi Firecracker Factory Blast: 2 साल पहले सील हुई थी पटाखा फैक्ट्री, फिर कैसे बन रहा था ‘मौत’ का सामान? 11 लोगों की गई जान
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