UP News: अलीगढ़ के कॉलेज में रख लिया था ‘लंगूर गार्ड’, 12000 वेतन पर करता था बंदरों की छुट्टी; अब चली गई ‘नौकरी’ – INA

Aligarh langur Golu: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के एक कॉलेज में बंदरों के आतंक से निपटने के लिए अनोखा तरीका अपनाया गया था, जिसमें एक लंगूर ‘गोलू’ को बाकायदा गार्ड की नौकरी पर रखा गया था. उसे हर महीने उसके मालिक को 12 हजार रुपए सैलरी दी जाती थी. लंगूर को नौकरी रखने की जानकारी होने के बाद अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. विभाग ने लंगूर को कॉलेज से छुड़वा कर आजाद कर दिया है.
अलीगढ़ जिले में स्थित डीएस डिग्री कॉलेज में बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए प्रबंधन ने एक अनोखा तरीका अपनाया था. कॉलेज ने ‘गोलू’ नाम के एक लंगूर को गार्ड के रूप में नियुक्त किया है, जिसकी मासिक सैलरी 12 हजार रुपए तय की गई थी. करीब छह महीने पहले तैनात किए गए गोलू की ड्यूटी सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक रहती थी इस दौरान वह पूरे कैंपस में गश्त करता है. जैसे ही बंदरों का झुंड नजर आता है, गोलू की मौजूदगी से ही वे वहां से भाग जाते थे.
पशु क्रूरता को लेकर उठे थे सवाल
इसके कई सारे वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसने लंगूर की ड्यूटी को लेकर पशु क्रूरता जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए. मामले में कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने गोलू को कॉलेज प्रबंधन से मुक्त करवाकर छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि बंदर कॉलेज परिसर में छात्रों को काफी परेशान करते थे. इसलिए लंगूर ‘गोलू’ को तैनात किया गया था. हालांकि, अब गोलू को सुरक्षित रिहा कर दिया है.
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लंगूर ‘गोलू’ को वन विभाग ने कराया रिहा
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज के अनुसार, इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हो गया था. बता दें कि लंगूर को पिछले कई सालों से संभल का रहने वाला लव पाल रहा था. वह उसे घर का खाना और फल खिलाता था. कॉलेज में बंदर को भगाने के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पशु क्रूरता को लेकर चर्चा छिड़ गई थी, नेटिजन्स उसकी रिहाई की मांग कर रहे थे.
अलीगढ़ के कॉलेज में रख लिया था ‘लंगूर गार्ड’, 12000 वेतन पर करता था बंदरों की छुट्टी; अब चली गई ‘नौकरी’
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