UP News: ‘पापा मेरी लाश को मत छूना’… 2 पेज के सुसाइड नोट में वकील ने बयां किया दर्द, कोर्ट में 5वीं मंजिल से कूदा था – INA

उत्तर प्रदेश के कानपुर कोर्ट परिसर में आज दोपहर में एक अधिवक्ता ने तीसरी मंजिल से कूद कर सुसाइड कर लिया. सूचना के बाद पहुंची कोतवाली पुलिस ने जब घटना को लेकर छानबीन शुरू की तो मृतक वकील के व्हाट्सएप स्टेट्स पर दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला. मृतक अधिवक्ता की पहचान प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है. सुसाइड नोट में उसने अपने घर की तमाम तरह की परेशानियों का जिक्र करते हुए आत्महत्या किए जाने की बात कही. उसने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरी मां को कोई परेशान ना करें, मां अपना ख्याल रखना… लव यू मम्मी.
प्रियांशु ने अपने दो पन्ने के सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे जाने के बाद कोई मेरी मां को परेशान ना करे. प्रियांशु ने 2016 में एलएलबी कर ली थी, लेकिन वह कानून की परीक्षा नहीं पास कर सका. परिवार की तमाम जिम्मेदारियां लगातार उसके सामने आ रही थीं. पिता की खराब तबीयत और घर की माली हालत के कारण वह बेहद मानसिक तनाव में था.
‘मुझे गाली देकर बेइज्जत करते हैं’
प्रियांशु ने सुसाइड नोट में लिखा कि मोहल्ले के कुछ लोग मुझे गाली देकर मेरी बेइज्जती करते हैं. मैं मध्यम वर्ग परिवार से ताल्लुक रखता हूं, मेरे तमाम प्रयासों के बाद भी मेरे पिता मुझे नामर्द, हिजड़ा, अपंग और विकलांग तरह-तरह के गंदे संबोधनों से बुलाते थे. इसके साथ ही कई बार मुझे घर के बाहर निकल जाने को लेकर जलील कर चुके हैं. मैं ऐसा कर रोज-रोज मरने से बेहतर, जिंदगी से छुटकारा मानता हूं और अपने जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं.
‘मेरी लाश को मत छूना’
मृतक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरी इज्जत पूरी तरह से धुल चुकी है. मैं इस व्यक्ति के साथ और ज्यादा नहीं जी सकता हूं, मेरी कोई गलत संगत नहीं थी. मैं घर वालों पर बोझ ना बनूं, इसके लिए मैं तमाम प्रयास किए. इंटर पास होते ही मैंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. इसके बाद में मैंने लॉ की पढ़ाई की, साइड में अपना कोई और भी काम में करता रहा. घर की तमाम ज़रूरतें पापा को मोबाइल घर की मांगे दैनिक खर्चों की जरूरत है. बिजली का बिल मैं अपने प्रयासों से अब तक पूरा करता रहा, घर वाले मुझे माफ करें. मैं किसी को दोष नहीं दे रहा हूं. मैं जीते जी अपनी तमाम परेशानियों को परिवार में किसी से शेयर नहीं कर पाया. मैंने वकालत के प्रोफेशन में जो इज्जत कमाई थी, वह भी परिवार में पिता ने पूरे मोहल्ले में खराब कर दी थी.
‘मेरा सभी मां-बाप से अनुरोध’
इसके अलावा, मृतक प्रियांशु एडवोकेट ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरा सभी मां-बाप से अनुरोध है कि वह अपने बच्चों को उतना ही टॉर्चर करें, जितना की वह बर्दाश्त कर सकें, नहीं तो हर एक के साथ अंत में हश्र यही होगा. मेरे पिता मेरी लाश को छू ना पाएं, मैं उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं चाहता हूं. क्योंकि कार्रवाई से मेरा परिवार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा.
‘पापा मेरी लाश को मत छूना’… 2 पेज के सुसाइड नोट में वकील ने बयां किया दर्द, कोर्ट में 5वीं मंजिल से कूदा था
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