UP News: PNB में 10.24 करोड़ का खेल! महिला कर्मचारी ने 6 अधिकारियों की ID से उड़ाई ग्राहकों की रकम, CBI ने दर्ज की FIR – INA

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में ग्राहकों की जमा पूंजी और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रकम में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है. बैंक की शिकायत के मुताबिक, करीब 10.24 करोड़ रुपए की अनधिकृत निकासी और ट्रांसफर किए जाने का आरोप है. इस मामले में बैंक की एक महिला कर्मचारी दीपांशी और आशुतोष पाठक समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं. आरोप है कि महिला कर्मचारी ने बैंक के छह अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर ग्राहकों के खातों से रकम ट्रांसफर की. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यह मामला बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र के ऐच्छर गांव स्थित PNB की शाखा का है. बैंक की शिकायत पर पहले स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तत्कालीन मैनेजर समेत 5 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. अब CBI इस पूरे मामले में बैंक के अधिकारियों, कर्मचारियों और बाहरी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

ग्राहक की शिकायत से खुला करोड़ों की हेराफेरी का मामला

बैंक में गड़बड़ी का खुलासा 16 सितंबर को हुआ. बैंक की ग्राहक संगीता अपने पति और बेटी के साथ सेक्टर पाई यानी ऐच्छर शाखा में पासबुक अपडेट कराने पहुंची थीं. इस दौरान उन्हें अपने खाते में तीन ऐसे ट्रांजैक्शन दिखाई दिए, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी. उन्होंने तुरंत बैंक अधिकारियों से इसकी शिकायत की और शाखा प्रबंधक से मिलने की बात कही. उस समय शाखा प्रबंधक मौजूद नहीं थे. ऐसे में बैंक में तैनात महिला कर्मचारी दीपांशी ने ग्राहक से बातचीत की. आरोप है कि उसने इन ट्रांजैक्शन को सही बताने की कोशिश की. बाद में जब मामला शाखा प्रबंधक तक पहुंचा तो उन्होंने लेनदेन की जांच शुरू कराई.

ये भी पढे़ं- Greater Noida News: PNB में ग्राहकों की FD दूसरे खातों में कैसे पहुंची? अब CBI करेगी जांच, 35 करोड़ की हेराफेरी

बैंक की शिकायत के अनुसार, दीपांशी ने दावा किया कि ग्राहक ने अपने पति से फोन पर बात करने के बाद रकम निवेश करने और उसे आशुतोष पाठक के खाते में ट्रांसफर करने की सहमति दी थी. हालांकि जब बैंक अधिकारियों ने इन ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज और वाउचर तलाशे तो वे रिकॉर्ड में नहीं मिले. इसके बाद बैंक प्रबंधन को गड़बड़ी का शक हुआ और आंतरिक जांच शुरू की गई.

6 अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल

बैंक की शुरुआती जांच में सामने आया कि ग्राहकों के खातों से रकम ट्रांसफर करने के लिए छह अधिकारियों की यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल किया गया. इनमें सीनियर ब्रांच मैनेजर निषाद तिर्की के अलावा संदीप प्रकाश शर्मा, मीनाक्षी, सतीश कुमार, शैलेंद्र कुमार और लवली जैन के नाम शामिल हैं. आरोप है कि इन अधिकारियों की यूजर आईडी के जरिए ग्राहकों के खातों में बिना अनुमति लेनदेन किए गए. हालांकि इन अधिकारियों की जानकारी या सहमति से ऐसा हुआ था या उनकी आईडी का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना किया गया, यह अभी जांच का विषय है.

बैंक की शिकायत में मोबाइल अलर्ट से भी छेड़छाड़ किए जाने की बात कही गई है. आरोप है कि कुछ ग्राहकों के खातों में ट्रांजैक्शन की जानकारी देने वाले मोबाइल अलर्ट बंद कर दिए गए या उनमें बदलाव कर दिया गया. इसका मकसद ग्राहकों को उनके खातों से पैसे निकलने की जानकारी मिलने से रोकना बताया गया है.

FD बंद कर दूसरे खातों में ट्रांसफर की रकम

इस घोटाले में सिर्फ सेविंग अकाउंट ही नहीं, बल्कि ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी निशाने पर थीं. बैंक की शिकायत के मुताबिक, कई एफडी में आशुतोष पाठक और कुछ अन्य लोगों को संयुक्त खाताधारक बनाया गया. इसके बाद इन एफडी को समय से पहले बंद कराकर रकम दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई.

ये भी पढे़ं- ग्रेटर नोएडा: किसी की FD टूटी, किसी के खाते से करोड़ों गायब PNB में कैसे कर्मचारियों ने की 35 करोड़ की हेराफेरी?

बैंक ने अपनी शिकायत के साथ संदिग्ध एफडी से जुड़ी 49 प्रविष्टियों की सूची भी जांच एजेंसी को सौंपी है. इन प्रविष्टियों में एफडी बंद होने के बाद ट्रांसफर की गई रकम का कुल आंकड़ा करीब 70.24 करोड़ रुपए दर्ज बताया गया है. हालांकि, यह आंकड़ा 10.24 करोड़ रुपए की अनधिकृत निकासी के दावे से अलग है. दोनों आंकड़ों का आपसी संबंध और वास्तविक वित्तीय नुकसान कितना है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

पूछताछ में महिला कर्मचारी ने क्या बताया?

बैंक की शिकायत और मंजूरी आदेश में दर्ज 10 अक्टूबर 2026 के बयान के मुताबिक, दीपांशी पहले से आशुतोष पाठक को जानती थी. आरोप है कि आशुतोष ने पहले उसके पिता के साथ 15 से 20 लाख रुपए की आर्थिक धोखाधड़ी की थी. बाद में रकम वापस दिलाने का भरोसा देकर उसने दीपांशी को अपने साथ निवेश करने के लिए कहा. बताया गया कि इसी भरोसे में दीपांशी ने लोन लेकर करीब 4 से 5 लाख रुपए भी निवेश किए थे. बैंक की शिकायत के अनुसार, इसके बाद वह ग्राहकों के खातों से जुड़े संदिग्ध ट्रांजैक्शन में शामिल हुई.

पूछताछ में दीपांशी ने बताया कि आशुतोष पाठक के कहने पर ग्राहकों की रकम बिना अनुमति ट्रांसफर की गई और इसके लिए दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया. लेनदेन से जुड़े वाउचर नष्ट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है.

29 अक्टूबर को CBI ने दर्ज की FIR

इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक अजय कुमार पांडे ने 23 अक्टूबर 2026 को CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, गाजियाबाद में शिकायत दी थी. बैंक की शुरुआती जांच के बाद सक्षम अधिकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत मंजूरी ली गई. इसके बाद CBI ने 29 अक्टूबर को FIR दर्ज कर ली. इसमें बैंक कर्मचारी दीपांशी, आशुतोष पाठक और कुछ अन्य निजी व अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जांच की जिम्मेदारी डीएसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है.

अब बैंक के सिस्टम और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगालेगी CBI

CBI अब बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के लॉग, छह अधिकारियों की यूजर आईडी की गतिविधियों, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और एफडी से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी. इसके अलावा मोबाइल अलर्ट में किए गए बदलाव और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी भी पड़ताल की जाएगी. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस मामले में कुल कितने ग्राहक प्रभावित हुए, वास्तव में कितनी रकम की हेराफेरी हुई और इसमें बैंक के किन कर्मचारियों या बाहरी लोगों की क्या भूमिका रही. वहीं, बैंक की ओर से करीब 43 लाख रुपए के दावों का भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.

PNB में 10.24 करोड़ का खेल! महिला कर्मचारी ने 6 अधिकारियों की ID से उड़ाई ग्राहकों की रकम, CBI ने दर्ज की FIR


#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button