UP News: ‘बेटे तेरे तन पर पिता की वर्दी’… खाकी में बेटी को देखकर रो पड़ी मां, वंशिका की भावुक कर देने वाली कहानी – INA

उत्तर प्रदेश पुलिस की पासिंग आउट परेड के दौरान उस समय एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला है. एक बेटी अपने दिवंगत पिता की वर्दी पहनकर अपनी मां के सामने आई. बेटी को वर्दी में देख मां की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने रुंधे गले से कहा कि आज उसकी बेटी के रूप में उसके पति की कर्तव्यनिष्ठा वापस लौट आई है.
जानकारी के मुताबिक, 2021 में कोरोना महामारी के दौरान मेरठ में तैनात हेड कांस्टेबल बृतपाल सिंह का असमय निधन हो गया था. उनके जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और भविष्य को लेकर एक गहरा संकट खड़ा हो गया था. ऐसे कठिन समय में उप्र पुलिस की ‘मृतक आश्रित कोटा’ नीति संकटमोचक बनकर सामने आई है. इसके तहत दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को खाकी पहनने और अपने परिजनों की अधूरी विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है.
इन्हीं में से एक सहारनपुर की वंशिका बालिया भी थीं, जिन्होंने अपने परिवार को इस मुश्किल दौर से निकालने के लिए खुद आगे बढ़कर पुलिस बल में शामिल होने का फैसला किया है. अपनी 12 महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब वह पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनीं है, तो उनके हौसले को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. मां ने अपनी जांबाज बेटी को गले लगाते हुए उसे इस खाकी का मान हमेशा बनाए रखने का आशीर्वाद दिया है.
शिक्षक बनने का सपना छोड़ा
सहारनपुर की मदनपुरी कॉलोनी की रहने वाली वंशिका पहले कभी पुलिस में नहीं जाना चाहती थीं. वह अपने पिता की इच्छा के अनुसार एक शिक्षिका बनकर बच्चों को पढ़ाना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने बीएड की पढ़ाई भी पूरी कर ली थी. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. साल 2021 में पिता बृतपाल सिंह के कोरोना की वजह से आकस्मिक निधन के वक्त वंशिका महज 18 वर्ष की थी. उस समय उनका छोटा भाई आदविक सिर्फ तीन साल का और छोटी बहन अवनी 10 साल की थी. इतने छोटे भाई-बहनों और मां की जिम्मेदारी उठाने के लिए किसी न किसी को नौकरी करनी थी. ऐसे में वंशिका ने अपने व्यक्तिगत सपनों को पीछे छोड़कर परिवार के हित में खाकी वर्दी पहनने का एक साहसिक लिया है.
मां को दिया भरोसा
एक साल के कड़े प्रशिक्षण के बाद जब वंशिका सफलता पूर्वक पास आउट हुईं, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी मां मनीषाआ को गले लगाया. मां ने भी रोते हुए अपनी बेटी में अपने पति की छवि देखी और उसे ईमानदारी से ड्यूटी करने की सीख दी है. इस भावुक पल में वंशिका ने अपने दोनों छोटे भाई-बहनों को भी गले से लगा लिया. उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि अब उन्हें अपने भविष्य या आर्थिक हालातों की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. वंशिका ने वादा किया कि वह अपनी नौकरी से उन दोनों की उच्च शिक्षा और उनके भविष्य को सवारने के लिए अच्छा काम करेंगी.
‘बेटे तेरे तन पर पिता की वर्दी’… खाकी में बेटी को देखकर रो पड़ी मां, वंशिका की भावुक कर देने वाली कहानी
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