UP News: ‘जहां संवरना था बेटे का भविष्य, उसी कॉलेज ने…’, पुणे में इंजीनियरिंग छात्र विशाल की मौत पर छलका पिता का दर्द – INA

‘जहां संवरना था बेटे का भविष्य, उसी कॉलेज ने…’, पुणे में इंजीनियरिंग छात्र विशाल की मौत पर छलका पिता का दर्द

Basti News: ​पुणे के टोलानी मैरिटाइम इंस्टीट्यूट में एक होनहार छात्र विशाल वर्मा की मौत ने देश के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है. खेल के मैदान में पसीना बहाते एक एथलीट छात्र पर लोहे का भारी-भरकम बास्केटबॉल पोल गिर जाना, यह बताता है कि मेट्रो सिटी में भी बुनियादी सुरक्षा मानकों को लेकर सिस्टम कितने लापरवाह हो चुके हैं.

​सबसे शर्मनाक पहलू ये है कि लाखों रुपये की सालाना फीस वसूलने वाले संस्थानों के पास आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक एम्बुलेंस तक का प्रबंधन नहीं था. प्रिंसिपल का ये स्वीकार करना कि एम्बुलेंस ड्राइवर मौजूद नहीं था, उस खोखले सिस्टम की पोल खोलता है, जहां छात्रों का जीवन केवल एक आंकड़ा बनकर रह गया है. हादसे के बाद 40 मिनट तक विशाल का मदद के लिए तड़पना आधुनिक शिक्षा के उन बड़े-बड़े दावों पर तमाचा है, जो कैंपस के भीतर विश्वस्तरीय सुविधाओं की बात करते हैं.

15 सालों से मेंटेनेंस नहीं

मृत छात्र के परिजनों का आरोप है कि खेल उपकरण 10-15 वर्षों से मेंटेन नहीं किए गए थे. लोहे के खंभों में लगी जंग साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन प्रशासन की आंखों पर शायद मुनाफे की पट्टी बंधी थी. सवाल यह है कि क्या संस्थानों में सेफ्टी ऑडिट केवल कागजों तक सीमित है? बास्केटबॉल रिंग, जिम उपकरण या लैब की मशीनें क्या इनके निरीक्षण के लिए कोई जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए?

विशाल वर्मा सिर्फ एक छात्र नहीं, बल्कि अयोध्या से पुणे तक का सफर तय करने वाला एक सपना था. वह एक पदक विजेता एथलीट था, जिसकी ऊर्जा और प्रतिभा संस्थान की गरिमा बढ़ाती थी. मृत छात्र की बहन का साफतौर पर आरोप है कि पुलिस के पास लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया है मगर अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज किया गया है.

जर्जर हो चुका था पोल

विशाल वर्मा के पिता बाबूराम वर्मा ने रोते हुए बेटे की मौत की दास्तां सुनाई. पिता जिस इंजीनियर कॉलेज में बच्चे को काबिल बनाने के लिए दो साल में 20 लाख रुपये फीस के रूप में दिए उसी कॉलेज का परिसर और प्रबंधन तंत्र छात्र विशाल के लिए मौत की कब्रगाह बन गया. पिता ने बताया कि कॉलेज में शाम के वक्त बास्केटबाल खेलते वक्त पोल उनके बेटे के ऊपर गिर गया जिससे उसका सिर फट गया और समय से इलाज नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई.

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कहा उनका सब कुछ बर्बाद हो गया, बेटे ही नहीं पूरे परिवार का सपना चकनाचूर हो गया. वे किसानी करके किसी तरह लाखों रुपये की फीस कॉलेज को दे चुके हैं और उनकी लापरवाही ने उनके बेटे की जान ले ली. स्कूल के अन्य बच्चे भी बता रहे हैं पोल इस कदर जर्जर हो गया था कि उससे कभी भी कोई हादसा हो सकता था. मगर शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया. कहा कॉलेज के जिम्मेदारों पर एफआईआर होनी चाहिए ताकि किसी दूसरे बच्चे के साथ कभी दोबारा ऐसी घटना न हो.

बहन ने भी लगाए गंभीर आरोप

मृत छात्र विशाल की बड़ी बहन सुनीता वर्मा ने कॉलेज मैनेजमेंट पर बहुत गंभीर आरोप लगाए है, एक मेट्रो सिटी में एंबुलेंस का समय से न मिलना बेहद शर्मनाक है. जिस कॉलेज में उनके भाई का जीवन संवरना था उस कॉलेज की लापरवाही से भाई की दर्दनाक मौत हो है. आज उनके एक भाई ने पुणे में संबंधित थाने में लिखित शिकायत की मगर एफआईआर नहीं की गई. कहा कॉलेज प्रबंधन उनके भाई की पूरी फीस वापस करे और परिवार के भरण पोषण का भी जिम्मा उठाए.

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