UP News: गुरुग्राम से उठी चिंगारी, नोएडा में गोलीकांड के बाद भड़की… बुलंदशहर तक आंच; कैसे-कब और क्यों शुरू हुआ नोएडा का मजदूर आंदोलन? – INA

गुरुग्राम से उठी चिंगारी, नोएडा में गोलीकांड के बाद भड़की… बुलंदशहर तक आंच; कैसे-कब और क्यों शुरू हुआ नोएडा का मजदूर आंदोलन?

Noida Workers Protest: दिल्ली से सटे नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का गुस्सा अब एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में फैला हुआ एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है. वेतन वृद्धि, महंगाई और श्रम सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब कई जिलों में असर दिखा रहा है. नोएडा में चल रहे इस आंदोलन की शुरुआत 7 अप्रैल को गुरुग्राम के मानेसर इलाके से हुई थी, जहां मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था.

इसके बाद यह विरोध धीरे-धीरे नोएडा और फिर ग्रेटर नोएडा पहुंचा. अब इस आंदोलन का असर गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ तक में भी दिखाई दे रहा है. आज बड़ी संख्या में बुलंदशहर और गाजियाबाद में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया और सड़कों को जाम कर दिया. गाजियाबाद में स्थिति इतनी खराब हो गई कि नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया.

नोएडा में कब और कहां शुरू हुआ विरोध?

नोएडा में यह आंदोलन 9 अप्रैल को फेस-टू थाना क्षेत्र में मौजूद होजरी कंपलेक्स से शुरू हुआ. जहां गारमेंट और होजरी यूनिट्स में काम करने वाले मजदूर फैक्ट्रियों के बाहर इकट्ठा हुए. वो वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. शुरुआत में यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था. मजदूरों ने नारेबाजी और बातचीत के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की.

9 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल तक आंदोलन बिना किसी हिंसा के चलता रहा. हालांकि, मजदूरों का कहना था कि उनकी मांगों पर कंपनियों और प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके बीच असंतोष लगातार बढ़ता गया.

कब उग्र हुआ आंदोलन?

मजदूरों के आंदोलन की स्थिति ने 12 अप्रैल को बड़ा मोड़ लिया. ग्रेटर नोएडा के इकोटेक थर्ड इलाके में प्रदर्शन के दौरान मिंडा कंपनी के पास हालात अचानक बिगड़ गए. इस दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली चलने की घटना सामने आई, जिसमें एक महिला मजदूर को गोली लग गई.

यह घटना पूरे आंदोलन के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. जैसे ही गोलीकांड की खबर फैली, मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया.

सड़क पर उतरे मजदूर

अगले ही दिन 13 अप्रैल यानी सोमवार की सुबह नोएडा के फेस-2, सेक्टर-62 और एनएच-9 जैसे प्रमुख इलाकों में हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए. इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दी. डिवाइडर पर चढ़कर नारेबाजी की. कई जगह वाहनों को रोक दिया. इस दौरान हालात तेजी से बिगड़े और कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं.

नोएडा के फेस-2 इलाके में कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस और मजदूर आमने-सामने आ गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद किसी तरह हालात को काबू में लाया गया, लेकिन तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

कई किलोमीटर लंबा जाम?

इस आंदोलन का सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक ढांचे पर पड़ा. फेस-2 के होजरी कंपलेक्स में करीब 500 कंपनियां संचालित होती हैं. वहीं, इकोटेक थर्ड के औद्योगिक क्षेत्र में भी करीब 400 से अधिक फैक्ट्रियां और निजी कंपनियां हैं. इनमें सैकड़ों की संख्या में मजदूर काम करते हैं. दोनों प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ और कई कंपनियों को अस्थायी रूप से काम बंद करना पड़ा.

बुलंदशहर और हापुड़ में भी सड़क पर मजदूर

यह आंदोलन किसी एक कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि कई कंपनियों के मजदूरों का सामूहिक विरोध है. अब इसका असर पूरे एनसीआर में दिखने लगा है. गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ जैसे जिलों में भी मजदूर सक्रिय हो गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक होने की आशंका है.

क्या है मजदूरों की मांग?

मजदूरों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह करना, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना, साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करना, समय पर वेतन भुगतान, सैलरी स्लिप देना और बोनस को सीधे बैंक खाते में समय पर भेजना शामिल है. उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में मौजूदा वेतन से गुजारा संभव नहीं है.

प्रदर्शन के दौरान नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे ट्रैफिक पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा. यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई जगह एंबुलेंस फंसने की घटनाएं भी सामने आईं.

रूट डायवर्जन लागू

मजदूरों के उग्र प्रदर्शन का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. दिल्ली-नोएडा बॉर्डर, सेक्टर-62, फेस-2, एनएच-24, डीएनडी फ्लाईवे और चिल्ला बॉर्डर जैसे प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया है. कई जगह वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक पहुंच गईं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

स्थिति को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रूट डायवर्जन लागू कर दिया है. चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर होते हुए डीएनडी की ओर जाने वाले यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है. सेक्टर-62 और एनएच-24 की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी ट्रैफिक को नियंत्रित तरीके से चलाया जा रहा है.

दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले लोगों को डीएनडी फ्लाईवे और कालिंदी कुंज मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है. वहीं गाजियाबाद और इंदिरापुरम की ओर से आने वाले वाहनों को सेक्टर 71-75 के अंदरूनी रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है. नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वालों को एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने और दादरी रोड से बचने की सलाह दी गई है.

गौतमबुद्ध नगर के श्रमिकों के लिए DM नोएडा मेधा रूपम ने जारी किए निर्देश

  • 10 तारीख तक वेतन मिले
  • ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान अनिवार्य किया जाए
  • प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाए
  • अगर इस दिन काम किया जाता है तो दोगुना वेतन दें
  • सभी मजदूरों को नियमानुसार बोनस दिया जाएगा, जो कि अधिकतम 30 नवंबर से पहले उनके खातों में जमा किया जाए
  • यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी सभी स्थलों पर गठित की जाए, इसकी अध्यक्षता महिलाओं द्वारा की जाए
  • हर जगह शिकायत पेटी की स्थापना की जाए
  • सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, ये सुनिश्चित की जाए
  • सभी मजदूरों को वेतन पर्ची दी जाए
  • जिलास्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, श्रमिक अपनी किसी भी समस्या को बता सकते हैं, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने जारी किए नंबर

श्रमिकों के व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए डीएम मेधा रूपम ने पहले ही शिकायतों को दर्ज कराने के लिए नंबर जारी किए. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. श्रमिक वेतन संबंधी अन्य समस्याओं की शिकायत 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 पर कर सकते हैं. डीएम ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा.

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