UP News: झुग्गी-झोपड़ी वालों को यूपी सरकार देगी फ्लैट, किन जिलों में तैयार हुआ डीपीआर? – INA

उत्तर प्रदेश सरकार ने मलिन बस्ती पुनर्विकास योजना के तहत झुग्गी-झोपड़ी वालों को बड़ी राहत दी है. अब इन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को उसी जगह पर 30 वर्गमीटर के बहुमंजिला फ्लैट दिए जाएंगे. लखनऊ और सहारनपुर की दो बस्तियों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जबकि गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, मेरठ, प्रयागराज, शाहजहांपुर और वाराणसी समेत कई शहरों में सर्वे का काम तेजी से चल रहा है.
नगर विकास विभाग के सर्वे के अनुसार, लखनऊ की वसंतकुंज योजना अंतर्गत विनायकपुरम मलिन बस्ती में 314 परिवारों और सहारनपुर की कुष्ठ आश्रम योजना अंतर्गत खलासी लाइन बस्ती में 106 परिवारों के लिए फ्लैट बनाए जाएंगे.
इन फ्लैटों में पानी, बिजली, सीवरेज, सड़क और सामुदायिक केंद्र जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. योजना के तहत फ्लैट लीज पर दिए जाएंगे. 10 साल तक इन्हें बेचा-खरीदा नहीं जा सकेगा. 10 वर्ष बाद इन्हें फ्रीहोल्ड कर आवंटियों के नाम रजिस्ट्री कर दी जाएगी.
पिछले हफ्ते लखनऊ और गाजियाबाद में झुग्गी बस्तियों में लगी भीषण आग ने सैकड़ों झोपड़ियां राख कर दी थीं. इसके बाद बस्तीवासियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग जोर पकड़ने लगी थी. इसी बीच नगर विकास विभाग ने मलिन बस्ती पुनर्विकास योजना को गति दी है.
योजना के तहत कम से कम 60-70 परिवारों वाली बस्तियों का चयन किया जाएगा. झुग्गी-झोपड़ी और कच्चे मकानों को हटाकर वहीं बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी. राज्य नगरीय विकास अभिकरण की नोडल एजेंसी ने प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सर्वे पूरा कर लिया है.
लखनऊ की विनायकपुरम बस्ती लोक निर्माण विभाग की जमीन पर बसी है, इसलिए निर्माण शुरू करने से पहले जमीन नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है. वहीं सहारनपुर की खलासी लाइन बस्ती में कोई जमीन विवाद नहीं है, इसलिए वहां काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है.
राज्य नगरीय विकास अभिकरण के सर्वे में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, मथुरा, मुरादाबाद और फिरोजाबाद में ऐसी कोई मलिन बस्ती नहीं मिली, जहां इस योजना की जरूरत हो.
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक और अहम फैसला लिया है. भोटिया, जौनसारी, राजर्जी, गोंड और इनकी पर्यायवाची जातियों (धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड, खरवार, खैरवार, पराहिया, पंखा, पनिका आदि) को सीएम आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में प्राथमिकता के आधार पर शामिल कर लिया गया है.
ये जातियां मुख्य रूप से महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, कुशीनगर, भदोही और संत कबीर नगर जिलों में रहती हैं.
उप मुख्यमंत्री के ग्रामीण भ्रमण के दौरान इन परिवारों ने आवास की मांग की थी. उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों से चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया.
झुग्गी-झोपड़ी वालों को यूपी सरकार देगी फ्लैट, किन जिलों में तैयार हुआ डीपीआर?
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