UP News: गोरखपुर: बसपा नेता की हत्या के बाद बना मोस्ट वांटेड, कौन था 1 लाख का इनामी मुस्तफिजुल, जिसका हुआ एनकाउंटर? जानें क्राइम कुंडली – INA

Gorakhpur STF Encounter: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सोमवार देर रात एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू का एनकाउंटर कर दिया. रामनगर करजहां इलाके में रात करीब 11:15 बजे हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से करीब आधे घंटे तक फायरिंग चली. पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल उर्फ बाबू गोरखपुर से कुशीनगर की ओर बाइक से जा रहा है. सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया. पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह बाइक लेकर भागने लगा. पीछा किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं.
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए. इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में मुस्तफिजुल के पैर और आंख के पास गोली लगी. घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया.
बसपा नेता की हत्या के बाद बना था मोस्ट वांटेड
मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था. करीब चार वर्ष पहले उसने बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या कर दी थी. कलामुद्दीन बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे. इस हत्याकांड के बाद से मुस्तफिजुल पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
गुजरात से गिरफ्तारी के बाद ट्रेन से हो गया था फरार
पुलिस ने दिसंबर 2024 में मुस्तफिजुल को गुजरात से गिरफ्तार किया था. उसे आजमगढ़ लाया जा रहा था, तभी महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास उसने शौचालय जाने का बहाना बनाया और चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया. इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी.
2003 में चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
मुस्तफिजुल का आपराधिक रिकॉर्ड दो दशक से अधिक पुराना था. उसके खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के आरोप में दर्ज हुआ था. इसके बाद वर्ष 2008 में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आया. वर्ष 2011 में फिर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ और वह फरार हो गया.
वर्ष 2012 में उसके खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज हुआ. इस मामले में अदालत के आदेश पर उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई थी. वर्ष 2021 में बसपा नेता की हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने सहित कुल 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. इनमें उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, हरदोई और महाराष्ट्र में दर्ज मामले भी शामिल हैं.
मुठभेड़ स्थल से हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से 32 बोर की एक पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और बड़ी संख्या में खाली खोखे बरामद किए हैं. पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुस्तफिजुल लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था और उसकी तलाश कई राज्यों की पुलिस कर रही थी.
गोरखपुर: बसपा नेता की हत्या के बाद बना मोस्ट वांटेड, कौन था 1 लाख का इनामी मुस्तफिजुल, जिसका हुआ एनकाउंटर? जानें क्राइम कुंडली
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