यूपी – UP: वारिसों के पैसों से सेनानियों का सम्मान, नगर निगम ले रहा है श्रेय, परिजन बोले- एक रुपये की मदद नहीं मिली – INA

देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत सरकारी उपेक्षा और व्यवस्था के बीच फंसी नजर आ रही है। जिन नामों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी उन्हें सम्मान दिलाने की जिम्मेदारी अब उनके परिजनों के कंधों पर टिकी है। महानगर में गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर लगने वाले शिलापटों की स्थिति कुछ यही कह रही है।
जिनके पास पैसा है वह स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले अपने पूर्वज के नाम का शिलापट लगवा रहे हैं। जो इस मामले में आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनके घर के स्वतंत्रता सेनानी आज भी गुमनाम हैं। नगर निगम सदन ने 20 दिसंबर 2021 को मेयर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया था कि महानगर के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम के शिलालेख लगाए जाएंगे।