यूपी – मम्मी कब आएंगी?: लोगों को रुला रहा हरिद्वार में मारी गई बांदा की कौशल्या के मासूम बेटे का सवाल – INA


हरिद्वार में निर्मम हत्या की शिकार हुई कौशल्या की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा है। गांव की चौपाल से लेकर घरों के आंगन तक हर किसी की जुबान पर एक ही चर्चा है कि प्रेम-प्रसंग के फेर में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। सबसे ज्यादा चिंता उस मासूम बेटे की है, जो अभी तक अपनी मां की मौत की सच्चाई से अनजान है और उसके लौटने का इंतजार कर रहा है।
मृतका की पहली सास टंटी निषाद बताती हैं कि कौशल्या मेहनती और मिलनसार स्वभाव की थी। घर-परिवार के कामकाज में भी वह निपुण थी, लेकिन कुछ गलत फैसलों ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उनका कहना है कि करीब एक साल पहले वह रिश्तेदारी के एक युवक के साथ चली गई थी। उस समय परिवार ने उसे समझाकर वापस लाया और गलती मानकर माफ भी कर दिया था।