World News: US वॉरशिप पर ‘टॉयलेट वॉर’ से बवाल, लगी 45 मिनट लंबी लाइनें, 4500 नाविकों का जीवन अस्त-व्यस्त – INA NEWS

मिडिल ईस्ट में ईरान को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनियों के बीच अमेरिकी नौसेना का सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड फोर्ड एक अलग ही समस्या से जूझ रहा है. यह समस्या युद्ध नहीं, बल्कि जहाज के टॉयलेट और सीवेज सिस्टम से जुड़ी है. करीब 13.3 अरब डॉलर की लागत से बना यह दुनिया का सबसे महंगा युद्धपोत है. इस पर लगभग 4,500 नाविक तैनात हैं. लेकिन जहाज पर लगे 650 टॉयलेट में से ज्यादातर खराब पड़े हैं.
वजह है सीवेज सिस्टम का फेल होना और नियमित मेंटेनेंस की कमी. जहाज लगातार समुद्र में तैनात रहा है, इसलिए समय पर मरम्मत नहीं हो पाई. स्थिति इतनी खराब है कि नाविकों को टॉयलेट के लिए रोजाना 45 मिनट तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. प्लंबिंग और मरम्मत का काम देखने वाले तकनीशियन रोज करीब 19 घंटे काम कर रहे हैं, फिर भी समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रही है. पिछले साल मार्च में भी सिर्फ चार दिनों में 205 टॉयलेट खराब हो गए थे.
क्यों आई टॉयलेट में समस्या?
समस्या की जड़ एक तकनीकी खामी है. यह युद्धपोत वैक्यूम आधारित सीवेज सिस्टम पर निर्भर है. अगर एक वाल्व भी खराब हो जाए, तो पूरे विभाग के टॉयलेट बंद हो सकते हैं. इसके अलावा पाइपों में कैल्शियम जमाव (कैल्शियम बिल्ड-अप) भी बड़ी दिक्कत है, जिससे पतली पाइपलाइन जाम हो जाती है. सिस्टम को ठीक करने के लिए हर बार एसिड फ्लश करना पड़ता है, जिस पर करीब 4 लाख डॉलर खर्च होते हैं.
8 महीने से समुद्र में तैनात है USS गेराल्ड
यह जहाज जून 2025 से समुद्र में है. जनवरी में इसने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान अहम भूमिका निभाई थी, जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया था. अब ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इसे मध्य पूर्व में तैनात किया गया है. आमतौर पर तैनाती छह महीने की होती है, लेकिन यह अब आठ महीने से ज्यादा हो चुकी है.
लंबी तैनाती का असर जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. कई नाविक 20 से 25 साल की उम्र के हैं और परिवार से दूर रहने की वजह से थकान और निराशा महसूस कर रहे हैं. कुछ ने सैन्य सेवा छोड़ने तक पर विचार शुरू कर दिया है. पिछले साल USS हैरी एस. ट्रूसमैन के साथ भी ऐसी स्थिति बनी थी. अप्रैल-मई 2025 में लाल सागर में हूती विद्रोहियों से संघर्ष के दौरान कई फाइटर जेट खो गए थे. जांच में सामने आया कि ओवरवर्क और तेज ऑपरेशन की रफ्तार इसकी बड़ी वजह थी.
यह भी पढ़ें: चीन से सुपरसोनिक एंटी शिप मिसाइलें खरीदेगा ईरान, बढ़ी अमेरिका की चिंता
US वॉरशिप पर ‘टॉयलेट वॉर’ से बवाल, लगी 45 मिनट लंबी लाइनें, 4500 नाविकों का जीवन अस्त-व्यस्त
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,






