शाह बोले- नक्सलवाद से 13,700 से लोगों की मौत हुई:31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त हुआ; अभियान में 3,600 जवानों ने बलिदान दिया- INA NEWS

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद ने देश के कई जिलों को प्रभावित किया। इस हिंसा में 13,700 से ज्यादा नागरिकों की जान गई, जबकि 3,600 जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया। शाह ने कहा कि इन जवानों के बलिदान की बदौलत देश पांच दशक से चली आ रही समस्या से बाहर निकल सका है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति भी आभार जताया। नक्सलवाद से छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा जवानों की मौत शाह ने कहा कि 1981 से नक्सलवाद ने देश के कई जिलों में गहरे घाव दिए। सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के जवानों की सबसे ज्यादा मौतें छत्तीसगढ़ में हुईं। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से पुलिस और सुरक्षा बलों ने देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और सीमाओं की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके बलिदान के कारण ही भारत आज दुनिया में सम्मानजनक स्थान पर है। नशे के खिलाफ अभियान के लिए बाइक रैली रवाना राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर शाह ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से देशव्यापी बाइक रैली को रवाना किया। ‘नशे के खिलाफ लड़ाई’ थीम पर आयोजित इस रैली में 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 90 राइडर्स शामिल हैं। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवान भी शामिल हैं। रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स हिस्सा लेंगे। 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले का मुकाबला करते हुए शहीद हुए CRPF जवानों की याद में मनाया जाता है। इस मौके पर शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।

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