बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की सियासी विरासत अब उनके बेटे युकेश संभालेंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बृहस्पतिवार को उमाशंकर सिंह के आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद इसके संकेत दिए। इन संकेतों से किसी अन्य के विरासत संभालने की कयासबाजी पर विराम लग गया है।
मायावती ने युकेश के राजनीति में आने का फैसला उनके परिवार पर छोड़ा है। मायावती उमाशंकर सिंह को अपने भाई की तरह मानती थीं। वह उन्हें राखी भी बांधती थीं। इसी वजह से मायावती ने युकेश को उमाशंकर का उत्तराधिकारी माना है। उन्होंने युकेश को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है। पहले चर्चा थी कि बीमारी के कारण उमाशंकर सिंह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनका भाई चुनाव मैदान में उतर सकता है।
बसपा सुप्रीमो के बयान से साफ हो गया है कि युकेश को ही चुनाव में उतारा जाएगा। उमाशंकर सिंह की रसड़ा सीट पर उपचुनाव नहीं होना है। अब अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में ही युकेश को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। उमाशंकर सिंह की मृत्यु के बाद क्षेत्रीय जनता उन्हें चुनकर विधानसभा भेज सकती है। मायावती ने प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को बलिया भेजा था। उन्होंने बसपा सुप्रीमो की तरफ से अंत्येष्टि में श्रद्धांजलि दी।