चैपल हिल में हुए एक वर्चुअल इवेंट में अपनी बात रखते हुए एलन मस्क ने दावा किया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट इंसानी उत्पादकता को एक नए स्तर पर ले जाएंगे। मस्क के अनुमानों के अनुसार, एआई तकनीक आने वाल समय में ग्लोबल इकोनॉमी यानी वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार को 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा देगी। इसका सीधा मतलब है कि एआई हर साल दुनिया की अर्थव्यवस्था में 20 ट्रिलियन डॉलर से लेकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक का योगदान देगा, जो इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक वृद्धि हो सकती है।
2027 तक एक्सपर्ट्स की तरह कोडिंग करेगा एआई
साथ ही एलन मस्क ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में आने वाले बदलावों पर भी बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि 2027 के आखिरी तक यानी अगले साल के आखिरी तक एआई सॉफ्टवेयर इस हद तक सक्षम हो जाएगा कि वह किसी ह्यूमन एक्सपर्ट यानी मानव विशेषज्ञ के स्तर पर खुद कोड लिख सकेगा। इससे कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पूरी प्रक्रिया हमेशा के लिए बदल जाएगी।
रोबोटिक्स के भविष्य पर क्यो बोले टेक दिग्गज?
- टेक दिग्गज मस्क ने रोबोटिक्स के भविष्य पर भी दावा किया। उन्होंने बोला कि अगले 10 वर्षों में (2036 तक) दुनिया में एक अरब से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट (इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट) मौजूद होंगे। मस्क के अनुसार इनमें से हर एक रोबोट आम इंसानों की तुलना में 5 गुना ज्यादा प्रोडक्टिव होगा।
- इन रोबोट्स के आगमन से खुद-ब-खुद बनने वाली मैन्युफैक्चरिंग का एक नया युग शुरू होगा, जिससे इंसानो को काम करने की जरुरत या मानवीय श्रम की जरूरतें काफी हद तक कम हो जाएंगी।
क्या आएगा बिजली संकट?
- इसी दौरान ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग जैसे वैश्विक टेक लीडर्स की तरह एलन मस्क ने भी एआई की रफ्तार के बीच एक बड़ी चुनौती की तरफ इशारा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 तक एआई डेटा सेंटर्स और रोबोटिक्स के प्रसार की वजह से दुनिया भर में बिजली की भारी कमी हो सकती है।
- इसके साथ ही, मस्क ने इस बात पर जोर दिया कि इनोवेशन यानी की नवाचार को तेजी देने के लिए हल्के और लचीले नियमों की वकालत की जानी चाहिए। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए उद्योग में तेजी से हो रही तरक्की का जिक्र किया और यह स्वीकार भी किया कि इस गति को देखते हुए उन्होंने अपनी पिछली कई टाइमलाइन्स में बदलाव किए हैं।