Technology, एसबीआई में साइबर हमला: 3,900 ग्राहकों का पर्सनल डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जानें कौन-कौन सी जानकारी आई सामने – Sbi Confirms Data Breach, Personal Details 3,897 Customers Found Dark Web — INA

Wed, 21 Oct 2026 12:56 PM IST

सार

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, एसबीआई से जुड़ा एक बड़ा साइबर खतरा सामने आया है। एसबीआई ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि एक साइबर हमले की वजह से हजारों ग्राहकों का व्यक्तिगत डेटा ऑनलाइन लीक हो गया है और यह डार्क वेब पर पहुंच चुका है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से…

SBI Confirms Data Breach, Personal Details 3,897 Customers Found Dark Web
एसबीआई में साइबर सेंध – फोटो : amarujala.com

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बैंक ने पुष्टि की है कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक घटना में उसके 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड डार्क वेब पर एक्सपोज होने की आशंका है। इनमें ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, डेट ऑफ बर्थ, ईमेल एड्रेस और हाेम एड्रेस जैसी जानकारी सामने आई है। कुछ रिकॉर्ड्स में लोन और ग्राहक से जुड़ा अन्य डेटा भी मिला है। हालांकि, बैंक का कहना है कि इस घटना से उसकी कोर बैंकिंग सेवाओं और सामान्य कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।

कैसे लीक हुआ डेटा?

  • एसबीआई ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई फाइलिंग में बताया कि उसके ग्राहक रिकॉर्ड्स में सेंध लगने से जुड़ी घटना सामने आई है। बैंक को शक है कि 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी यानी पर्सनल आइडेंटिफायबल इन्फॉर्मेशन डार्क वेब पर एक्सपोज हुई है।
  • बैंक के अनुसार, डार्क वेब पर मिले लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड्स के शुरुआती विश्लेषण में 3,897 ऐसे रिकॉर्ड्स की पहचान की गई, जिनमें ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। यहां ध्यान देने वाली बात है कि डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड्स को प्रभावित ग्राहकों का डेटा के बारे में नहीं बताया गया है। शुरुआती जांच में 3,897 रिकॉर्ड्स की पहचान की गई है, जबकि उनकी प्रामाणिकता और पूरी जानकारी की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारी हुई एक्सपोज?

  • बैंक के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक सामने आए रिकॉर्ड्स में ग्राहकों की कई तरह की निजी और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। इनमें ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारी, बैंक में दर्ज फोन नंबर, ग्राहकों के रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस, ग्राहकों से जुड़ी पर्सनल डिटेल, ब्रांच से जुड़े रिकॉर्ड्स को मेटाडेटा और उनसे संबंधित फाइल्स शामिल हैं।
  • बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक्सपोज हुए डेटा की प्रामाणिकता और पूरी सीमा की जांच अभी जरूरी है। इसलिए फिलहाल यह मानना सही नहीं होगा कि सामने आए सभी रिकॉर्ड्स की हर जानकारी की पुष्टि हो चुकी है।

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