सेहत – नाभि की मालिश और डिटॉक्स के लिए अरंडी के तेल के फायदे

पेट पर कैस्टर ऑयल या अरंडी के तेल का चलन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग इसे साफ त्वचा (साफ त्वचा), दांतों के दर्द में कमी (पीरियड दर्द में कमी), बेहतर पाचन और तनाव से राहत (तनाव से राहत) जैसे नुस्खे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। दावा किया गया है कि यह सबसे पहले सदियों से चली आ रही है और आयुर्वेद में इसकी जड़ें हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह वास्तव में प्रभावशाली (प्रभावी?) क्या है? आधुनिक विज्ञान से लाभ (आधुनिक विज्ञान द्वारा समर्थित) क्या है या यह सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन पर आधारित है? तो जानिए, इसके बारे में जानते हैं…
नाभि महत्वपूर्ण क्यों है?
नाभि (नाभि) को शरीर का एक ऐसा हिस्सा माना जाता है जो रक्त वाहिकाएं (रक्त वाहिकाएं) और नाभि के सघन नेटवर्क (नसों का नेटवर्क) से टूटता है। आयुर्वेद में इसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र माना जाता है, जिसे पेचोटी ग्रंथि (पेचोटी ग्रंथि) कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह पोषक तत्वों और औषधीय तेलों को अवशोषित करता है।
हालाँकि, आधुनिक विज्ञान पेचोटी ग्रंथी को प्रभावी रूप से परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन नाभि का पेट (पेट), पाचन तंत्र (पाचन तंत्र), और खुराक तंत्र (लिम्फ नोड्स) के करीब इसे पारंपरिक वेलनेस अभ्यास (पारंपरिक कल्याण अभ्यास) में रखा गया है। एक महत्वपूर्ण स्थान देता है.
कैस्टर ऑयल के फायदे (संभावित लाभ)
पाचन में सुधार (Digestion में सुधार): कैस्टर ऑयल एक प्राकृतिक लैक्सेटिव (प्राकृतिक रेचक) के रूप में जाना जाता है। इसे नाभि पर लगाने और पेट की मालिश (पेट की मालिश) करने से माना जाता है कि यह नाभि की गति (मल त्याग) को बढ़ावा देती है और पाचन में मदद करती है। एक अध्ययन के अनुसार, कैस्टर ऑयल पैक कब्ज (कब्ज) के आक्षेप में आँत की नियमितता (आंत्र नियमितता) को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हुआ है।
मासिक धर्म के दर्द से राहत (मासिक धर्म के दर्द से राहत): कैस्टर ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण (Anti-Inflammation Properties) होते हैं। इसे नाभि और नाभि पेट (निचले पेट) पर धीरे-धीरे-धीरे-धीरे मालिश करने से रोकने के दौरान होने वाले दर्द (मासिक धर्म दर्द) को कम करने में मदद मिल सकती है। जर्नल ऑफ नेक्रोपैथिक मेडिसिन के शोध में यह बात आंशिक रूप से प्रमाणित हुई है।
त्वचा को हाइड्रेट करना (Skin Hydration): कैस्टर ऑयल में रिकिनोलेइक एसिड (Ricinoleic Acid) पाया जाता है, जो त्वचा को निकालने में मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार, यह त्वचा की लोच (त्वचा की नमी) को बढ़ाती है और त्वचा की लोच (त्वचा की लोच) को कम करती है। इसे इस्तेमाल करने से पेट के आसपास की त्वचा में ड्राईनेस (सूखापन) कम होती है।
विषहरण (विषहरण): बताएं कि कैस्टर ऑयल नेवी पर इंस्टॉलेशन से डिटॉक्स को बढ़ावा देने की संभावना है। यह फिजियोलॉजिकल सार्कोलेशन (लसीका परिसंचरण) को बढ़ावा देता है और सूजन (सूजन) को कम करता है।
तनाव से राहत और बेहतर नींद (तनाव से राहत और बेहतर नींद): नाइपर कैस्टर ऑयल से मसाज करने से तनाव (तनाव) कम करने और रिलेक्सेशन में मदद मिलती है। यह लाभ पेट की मालिश की आरामदायक प्रकृति (सुखदायक प्रकृति) के कारण हो सकता है, जो एंडोर्फिन (एंडोर्फिन) रिलीज को ट्रिगर करता है। बता दें कि पेट मसाज की पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम) को पेट की मालिश से तनाव कम होता है।
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कैसे करें इस्तेमाल (How to Use)?
-शुद्ध, कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल का उपयोग करें।
-इसे घरेलू हाथों से नेवी पर रूमाल।
-हल्की मालिश करें.
पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2024, 21:32 IST
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