खबर शहर , Agra News: शरद पूर्णिमाः चली है प्यारी झांझी हम सबसे मुखड़ा मोड़…. – INA

बाह। अंगना बोली कोयल पिछवाड़े बोले मोर, चली है प्यारी झांझी हम सबसे मुखड़ा मोड़….. सोमवार की रात बाह, जैतपुर के गांव कस्बों में ठीक इसी अंदाज में झांझी की विदाई हुई। दशहरा से शुरू हुई महाभारत कालीन लोक परंपरा का उत्सव सोमवार को दूसरे दिन बाह, जैतपुर, भदरौली, जरार, बिजौली, मंगदपुर, चित्राहाट, बासौनी, पुरा कनेरा, होलीपुरा, नंदगवा, कचौराघाट आदि गांव की गलियों में टेसू-झांझी के लोकगीत गूंजे। विवाह की रश्में निभाई गयी। उसके बाद विदाई हुई।