खबर शहर , Agra News: जिंदा महिला को मृत दर्शाना राजस्वकर्मियों की बढ़ा सकता है मुश्किलें – INA

खेरागढ़। तहसील के राजस्व अभिलेखों में जीवित महिला को मृत दर्शाकर दूसरों के नाम वारिसी कर दिए जाने और उसी भूमि के आधार पर बैंक से लोन लेने के फर्जीवाड़े में लेखपाल, कानूनगो की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़िता ने राजस्व अधिकारियों, बैंककर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने के साथ पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को भी शिकायतीपत्र भेजा है।

रोहता गांव निवासी पीड़िता गीता देवी (75) का आरोप है कि गांव सरेंडा में उनकी करीब पांच बीघा भूमि है। पति की मौत के वह वर्षों वारिसान दर्ज कराने के लिए राजस्वकर्मियों के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन जब खतौनी निकलवाई तो पता चला कि उन्हें ही अभिलेखों में मृत दिखाकर अन्य लोगों के नाम वारिसी दर्ज कर दी गई है। और इसी भूमि के आधार पर बैंक से लोन भी ले लिया गया है।

गीता देवी ने समाधान दिवस में खेरागढ़ पहुंचे जिलाधिकारी मनीष बंसल को भी शिकायतीपत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में तहसीलदार सुरभि राय को जांच सौंपी गई है।

मामले में नायब तहसीलदार की ओर से आदेश करके पीड़िता की वारिसी दर्ज करा दी गई है। तहसीलदार को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र गंगवार, एसडीएम, खेरागढ़

गलत वारिसी होना गंभीर मामला

वरिष्ठ अधिवक्ता श्री निवास शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अनुसार प्रपत्र-9 भरकर उसके साथ मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, खतौनी की प्रति तथा सभी वारिसों के आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जाता है। आवेदन का प्रारूप संबंधित लेखपाल को दिया जाता है। इसके बाद लेखपाल गांव में जाकर वारिसों का सत्यापन करता है और अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करता है। रिपोर्ट कानूनगो के पास पहुंचती है, जिसके अनुमोदन के बाद राजस्व अभिलेखों एवं खतौनी में ऑनलाइन ही वारिसी दर्ज कर दी जाती है। गलत वारिसी होना गंभीर मामला है।

जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गीता देवी जीवित हैं तो उनका मृत्यु प्रमाणपत्र कैसे बना, किस प्राधिकारी ने जारी किया और इसके लिए आवेदन किसने किया। वहीं ब्लॉक एवं पंचायत कार्यालय से जारी होने वाली परिवार रजिस्टर की नकल किस अधिकारी या कर्मचारी ने जारी की। वारिसों के आधारकार्ड में वारिसी संबंधी विवरण कैसे दर्ज हुए, उन्हें किसने तैयार कराया। साथ ही वारिसी दर्ज करने की प्रक्रिया में संबंधित लेखपाल ने मौके पर सत्यापन के दौरान किन लोगों के बयान लिए, क्या गीता देवी या उनके परिजन से संपर्क किया गया था।


Credit By Amar Ujala

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