खबर शहर , गजब: कपड़े बेचने के लिए मिलीं दुकानें, चल रहा वेल्डिंग का काम; संजय प्लेस मार्केट में नियमों की खुली अनदेखी – INA

आगरा के संजय प्लेस के कपड़ा मार्केट में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। केवल कपड़ा व्यापार करने का शपथ पत्र देकर वर्ष 2004 में दुकानें ली गईं। मगर 75 प्रतिशत आवंटियों ने 22 साल बाद भी सुभाष बाजार से अपना कारोबार यहां शिफ्ट नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने दुकानों को 3 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लोहे और वेल्डिंग जैसे अन्य व्यवसाय करने वालों को सौंप दिया है।
इस मनमानी से 619 दुकानों वाली इस मार्केट का स्वरूप ही बिगड़ गया है। 25 अगस्त को वाणिज्य बंधु की बैठक में संजय प्लेस क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन ने जिलाधिकारी मनीष बंसल के समक्ष सवाल उठाया कि जो आवंटी नियमों का पालन करते हुए दो दशक पहले यहां शिफ्ट हो गए, उनका क्या कसूर है? पुराने बाजारों में बैठकर यहां का किराया वसूलने वालों का आवंटन तुरंत निरस्त हो।
एसोसिएशन के अनुसार, आगरा विकास प्राधिकरण ने 1998 में जामा मस्जिद और सुभाष बाजार के व्यापारियों को यहां बसाने की योजना बनाई थी। शपथ-पत्र में जिक्र था कि सुभाष बाजार से शिफ्ट होंगे और यहां कपड़ा कारोबार ही करेंगे। मगर 75 प्रतिशत आवंटी पुराने ठिकानों पर ही जमे हैं।
एडीएम के निरीक्षण में खुली पोल
व्यापारियों की शिकायत पर एडीएम वित्त संदीप वर्मा ने 21 अगस्त को ब्लॉक 1 से 6 का औचक निरीक्षण किया। ब्लॉक 3 से 5 में लोहे के गेट और वेल्डिंग का काम होता मिला। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि इन अवैध गतिविधियों से बाजार का स्वरूप लोहामंडी जैसा होता जा रहा है। आए दिन विवाद होते हैं। इसके अलावा जूडियो तिराहा और संजय प्लेस चौकी चौराहे पर बैरिकेडिंग से रास्ते अवरुद्ध हो रहे हैं। इससे ग्राहकों को असुविधा हो रही है।
आवंटियों को जारी की चेतावनी
इस बदहाली पर डीएम मनीष बंसल ने बीते दिनों वाणिज्य बंधु की बैठक में सख्त निर्देश दिए। अब आगरा क्लॉथ मर्केन्टाइल एसोसिएशन ने ब्लॉक 1 से 26 के सभी आवंटियों को चेतावनी जारी की है। महामंत्री संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई आवंटी कपड़ा व्यापार के अलावा अन्य कोई काम करता है या दुकान किराए पर उठाता है, तो होने वाली हर प्रशासनिक कार्रवाई के वह स्वयं जिम्मेदार होगा।