ये कैसा जीरो टॉलरेंस… सरकार की निष्क्रांत संपत्तियों पर फर्जी स्वामित्व से भूमाफिया काबिज हैं। न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध अवैध निर्माण जारी हैं। अपनी संपत्तियां बचाओ सरकार…। ये सब लिखा है उन होर्डिंग्स पर, जो एमजी रोड से सिकंदरा और कलेक्ट्रेट से तहसील तक लगे हुए हैं। मंगलवार को पूर्व पार्षद कपिल वाजपेयी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम मनीष बंसल से मिलकर इन्हीं संपत्तियों पर अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई।
पूर्व पार्षद ने दावा किया है कि शहर में करीब 100 करोड़ रुपये की निष्क्रांत और शत्रु संपत्तियों पर भूमाफिया काबिज हैं। उन्होंने बाग फरजाना स्थित मौजा सुरजेपुर की खसरा संख्या 519 का उदाहरण दिया। डीएम मनीष बंसल ने संपत्तियों की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शुत्र एवं निष्क्रांत संपत्ति प्रभारी एवं एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह ने बताया कि जिले में 47 निष्क्रांत एवं शत्रु संपत्तियां चिह्नित की गई हैं।
जिनसे अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। बता दें कि गृह मंत्रालय ने देशभर में शत्रु संपत्तियों से दस दिन में अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। अधिवक्ता लोकेंद्र शर्मा ने बताया बंटवारे के समय जो लोग पाकिस्तान चले गए, उनकी संपत्तियों को सरकार ने निष्क्रांत श्रेणी में रखा है। जो लोग 1962 और 1971 युद्ध के दौरान भारत छोड़कर दूसरे देश में बस गए, उनकी संपत्तियां शत्रु संपत्तियां मानी गई हैं।