पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज:SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं अपराधी हूं?- INA NEWS

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। सुनवाई के दौरान खेड़ा ने कहा- असम की अदालतें बंद हैं, इसलिए उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाए। क्या मैं कोई अपराधी हूं, जो मुझे इतनी राहत भी नहीं मिल सकती? जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने यह मांग ठुकरा दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा को लेकर दिए गए आरोपों से जुड़ा है। खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में उनके घर पर तलाशी ली, हालांकि उस समय खेड़ा हैदराबाद में थे। पुलिस कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई खेड़ा पर कोर्ट में गलत डाक्यूमेंट देने का आरोप सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के आगे और पीछे अलग-अलग जानकारी और नंबर थे। इसे फोरम शॉपिंग बताया। इस पर खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिका जल्दबाजी में दाखिल हुई थी, इसलिए गलत दस्तावेज लग गया था। इसे बाद में ठीक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह जालसाजी नहीं बल्कि गलती थी और मामला मूल रूप से मानहानि का है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों में गड़बड़ी को गंभीर माना और जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा असम की अदालत में जाकर अपनी बात रखें। तलंगाना कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अब समझें पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं।

Table of Contents

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News