Sport : कोच से पंगा, कैंप से वॉकआउट और… क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर लगा कड़ा बैन, जानें पुर्तगाल फुटबॉल के सबसे बड़े भूचाल का पूरा सच #INA

Cristiano Ronaldo: फुटबॉल की दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गए हैं. इस बार का विवाद उनकी अपनी ही नेशनल टीम के साथ है. पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ (FPF) की अनुशासन समिति ने एक कड़ा फैसला लेते हुए अपने 41 वर्षीय स्टार स्ट्राइकर और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिनों का सस्पेंशन लगाया है. इसके साथ ही उन पर 255 यूरो का जुर्माना भी ठोका गया है. यह खबर आते ही दुनिया भर के फुटबॉल फैंस के बीच हड़कंप मच गया है. हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर अपने देश के लिए रिकॉर्ड 234 मैच खेलने और 146 गोल दागने वाले इस ‘लेजेंड’ खिलाड़ी के साथ ऐसा क्यों हुआ? तो आइए इस पूरे मामले को बेहद आसान शब्दों में एक आर्टिकल के जरिए समझते हैं.

क्या है विवाद की असली वजह और क्यों लगा रोनाल्डो पर बैन?

यह पूरा विवाद पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की भूमिका और उनके खेलने के समय को लेकर शुरू हुआ. पुर्तगाल टीम के नए मुख्य कोच जॉर्ज जीसस और रोनाल्डो के बीच टीम में उनकी जिम्मेदारी को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा था. दरअसल, यह विवाद तब चरम पर पहुंच गया जब नॉर्वे के खिलाफ खेले गए नेशन्स लीग के एक मुकाबले में कोच जॉर्ज जीसस ने रोनाल्डो को शुरुआती प्लेइंग-11 में जगह नहीं दी और उन्हें पूरे मैच के दौरान बेंच पर ही बिठाए रखा.

रोनाल्डो का आरोप है कि कोच ने उनसे 2 बार वादा किया था कि उन्हें मैच के दौरान मैदान पर उतारा जाएगा. मैदान पर वॉर्म-अप करने के बावजूद जब कोच ने अपना फैसला बदल लिया, तो रोनाल्डो इसे अपना अपमान मान बैठे. इस ‘विश्वासघात’ और नाराजगी के चलते रोनाल्डो ने डेनमार्क के खिलाफ अगले मुकाबले से ठीक पहले कोपेनहेगन में लगे राष्ट्रीय टीम के ट्रेनिंग कैंप को बीच में ही छोड़ दिया और वहां से चले गए.

अनुशासन समिति का एक्शन और नियम 160(1)

फुटबॉल के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी बिना आधिकारिक अनुमति के राष्ट्रीय टीम का कैंप नहीं छोड़ सकता. पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ की अनुशासन परिषद ने रोनाल्डो के इस कदम को अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना.

• धारा 160(1) के तहत दोषी: जांच के बाद फेडरेशन की नॉन-प्रोफेशनल सेक्शन की अनुशासन इकाई ने पाया कि रोनाल्डो ने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया है.
• न्यूनतम सजा: फेडरेशन के नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय कर्तव्य से वॉकआउट करने या कैंप छोड़ने पर 1 से 6 महीने तक का प्रतिबंध लग सकता है. लेकिन रोनाल्डो के पुराने योगदान और खेल के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें न्यूनतम 30 दिनों की सजा दी गई.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने खुद मांगी माफी

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इस बार अपनी गलती को स्वीकार करने में बड़प्पन दिखाया. विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर 2000 शब्दों का एक भावुक और बड़ा लेटर पोस्ट किया. उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों, टीम और फैंस से बिना बताए कैंप छोड़ने और नॉर्वे मैच के बाद फैंस का अभिवादन न करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. दिलचस्प बात यह है कि रोनाल्डो ने फेडरेशन से कहा कि उनके साथ किसी भी तरह की नरमी न बरती जाए और वे अपने किए की पूरी सजा भुगतने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका इंटरनेशनल करियर अभी खत्म नहीं हुआ है और वे आगे भी पुर्तगाल के लिए खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे.

27,000 का जुर्माना, रोनाल्डो के लिए सिर्फ 39 सेकंड की कमाई

पुर्तगाल फेडरेशन ने बैन के साथ रोनाल्डो पर 255 यूरो (लगभग 27154 रुपये या $285) का जुर्माना भी लगाया है. सोशल मीडिया पर फैंस इस जुर्माने की रकम को लेकर काफी मजे ले रहे हैं. सऊदी अरब के क्लब अल-नासर (Al-Nassr) के लिए खेलने वाले रोनाल्डो दुनिया के सबसे अमीर और सबसे ज्यादा कमाई करने वाले फुटबॉलर हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अल-नासर से मिलने वाली सैलरी और एंडोर्समेंट के जरिए रोनाल्डो हर दिन लगभग £488,000 (करीब 5.4 करोड़ रुपये) कमाते हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो 255 यूरो का यह जुर्माना रोनाल्डो मात्र 39 सेकंड की बल्लेबाजी या कमाई में चुका सकते हैं. इसलिए यह जुर्माना उनके लिए महज एक औपचारिक कार्रवाई है, असली सजा 30 दिन का निलंबन है.

क्या पुर्तगाल के लिए मैच मिस करेंगे रोनाल्डो?

इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण और राहत देने वाला पहलू यह है कि इस 30 दिन के बैन के बावजूद क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल का कोई भी आधिकारिक मैच मिस नहीं करेंगे. दरअसल, फेडरेशन ने इस बैन को बैकडेट (30 सितंबर से) लागू करने का फैसला किया है. पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम का अगला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 14 नवंबर को निर्धारित है. तब तक रोनाल्डो का यह 30 दिनों का निलंबन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. अगर कोच जॉर्ज जीसस उन्हें टीम में चुनते हैं, तो वे 14 नवंबर को डेनमार्क और वेल्स के खिलाफ मैचों में मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह योग्य होंगे. इसके अलावा, यह बैन उनके क्लब अल-नासर के मैचों पर लागू नहीं होता है. 

मामले में आगे क्या होगा?

पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष प्रेडो प्रोएन्का ने इस बात को साफ किया है कि फेडरेशन में हर कोई चाहता है कि मामला सुलझने के बाद कप्तान रोनाल्डो टीम में वापस आएं. हालांकि, गेंद अब पूरी तरह से हेड कोच जॉर्ज जीसस के पाले में है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 41 साल के इस महान खिलाड़ी और कोच के बीच तालमेल बैठ पाता है या नहीं. एक बात तो साफ है कि रोनाल्डो का यह विवाद फुटबॉल इतिहास के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक रहेगा.

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