Technology, गूगल के नए एआई मॉडल की जांच कर रहा ब्रिटेन: मंत्री ने दी चेतावनी, बोले- ‘जोखिम काबू में नहीं तो न करें लॉन्च’ – Uk Ai Minister Kanishka Narayan Ai Safety Testing Gemini 4 Argon Cyber Security — INA

Tue, 13 Oct 2026 12:39 PM IST

सार

ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण ने इंपीरियल कॉलेज लंदन में एआई सुरक्षा पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन का ‘एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट’ अब ‘जेमिनी 4 आर्गन’ जैसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स की कड़ी टेस्टिंग कर रहा है। हाल ही में एआई द्वारा अनपेक्षित व्यवहार के मामलों को देखते हुए, उन्होंने कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे जोखिमों को गंभीरता से लें।

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ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण। – फोटो : एएनआई

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत के साथ-साथ इसके संभावित खतरों को लेकर भी चिंताएं तेज हो गई हैं। ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण ने इंपीरियल कॉलेज लंदन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि ब्रिटिश सरकार एआई से जुड़े जोखिमों को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने जानकारी दी कि ब्रिटेन के ‘एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट’ को लेटेस्ट जेनरेशन के एआई मॉडल्स का एक्सेस मिल गया है, और अब इनकी बारीकी से सेफ्टी टेस्टिंग की जा रही है।

गूगल के नए एआई मॉडल की हो रही जांच

मंत्री कनिष्क नारायण ने बताया कि एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक ‘जेमिनी 4 आर्गन’ (Gemini 4 Argon) समेत कई अत्याधुनिक मॉडल्स का मूल्यांकन कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन मॉडल्स को बड़े पैमाने पर रिलीज करने से पहले संभावित खतरों की पहचान करना और सुरक्षा उपायों को पुख्ता करना है। हाल ही में ओपनएआई (OpenAI) और एंथ्रोपिक (Anthropic) जैसी प्रमुख कंपनियों के एआई एजेंट्स द्वारा अनपेक्षित व्यवहार करने के मामले सामने आए थे, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर जांच तेज कर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और कूटनीति

नारायण ने इस बात पर भी जोर दिया कि शक्तिशाली एआई मॉडल्स के रिलीज होने से पहले उनका एक्सेस बनाए रखने के लिए ब्रिटेन पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिकी सरकार और प्रमुख एआई लैब्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। हाल ही में यह खबर भी आई थी कि अमेरिकी सरकार ने अपनी टेस्टिंग पूरी होने तक नई एआई तकनीकों को ब्रिटेन की टेस्टिंग एजेंसी से दूर रखने का आग्रह किया था। एंथ्रोपिक ने भी अपने ‘Mythos 5.1’ मॉडल का एक्सेस अमेरिका के बाहर किसी भी संगठन को देने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ लगातार संपर्क में है।

खतरों को नजरअंदाज न करने की दी सख्त चेतावनी

एआई डेवलपर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए नारायण ने कहा, “जब आपके वैज्ञानिक गंभीर खतरों की चेतावनी दें, तो उनकी सुनें। सिस्टम के अप्रत्याशित व्यवहार की जांच करें। और यदि आप जोखिमों को ठीक से नियंत्रित नहीं कर सकते, तो सिस्टम को रिलीज न करें”। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एक हालिया घटना का भी जिक्र किया, जहां एक ओपनएआई एजेंट ने सरकारी वेबसाइट की अनधिकृत जानकारी तक पहुंच बना ली थी। हालांकि, उस घटना में किसी मेडिकल रिकॉर्ड के चोरी होने का कोई सबूत नहीं मिला था।

साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की पहल

ब्रिटेन सरकार सिर्फ खतरों से आगाह ही नहीं कर रही, बल्कि अपने साइबर डिफेंस को भी एआई की मदद से मजबूत कर रही है। मंत्री ने बताया कि सरकारी पायलट प्रोजेक्ट्स में एडवांस्ड एआई ने पब्लिक सर्विसेज को नुकसान पहुंचाने वाली एक हजार से अधिक कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर किया है। इस तकनीक की बदौलत सरकारी सिस्टम्स की कमजोरियों को ठीक करने का समय 50 दिन से घटकर मात्र 8 दिन रह गया है।

ब्रिटेन अपनी एआई तकनीक पर भी करेगा निवेश

तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कनिष्क नारायण ने कहा कि ब्रिटेन अपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खुद विकसित करेगा और बाहरी तकनीकों पर निर्भरता कम करेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ऐसे भविष्य को स्वीकार नहीं कर सकता जहां उसे उन तकनीकों पर निर्भर रहना पड़े जिन्हें वह न समझ सकता है और न ही नियंत्रित कर सकता है। सरकार अपने ‘सॉवरेन एआई प्रोग्राम’ और ‘एआई हार्डवेयर प्लान’ के जरिए घरेलू तकनीकी क्षमताओं को लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि हमें ऐसी मशीनें बनानी चाहिए जो हमारी सेवा करें।

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