Technology, 28 साल का हुआ गूगल: डूडल ने जगाईं यादें, 27 सितंबर को ही क्यों मनाते है बर्थडे? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप – Google Celebrates 28th Birthday September 27 Nostalgic Doodle: Why Tech Giant Shifted Foundation Date — INA

सार
टेक दिग्गज गूगल आज यानी 27 सितंबर को अपना 28वां जन्मदिन एक खास नॉस्टैल्जिक डूडल के साथ मना रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गूगल की आधिकारिक स्थापना चार सितंबर 1998 को हुई थी। तो फिर दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन 27 सितंबर को अपना जन्मदिन क्यों मनाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का दिलचस्प कहानी और आज के खास डूडल का मतलब…
सोशल मीडिया पर आज गूगल का 28वां जन्मदिन छाया हुआ है।टेक दिग्गज कंपनी आज, 27 सितंबर को अपना 28वां जन्मदिन मना रही है। इस मौके पर दुनिया भर के यूजर्स को गूगल के होमपेज पर एक खास बर्थडे डूडल (Birthday Doodle) दिखाई दे रहा है। इस बार कंपनी ने किसी इंटरैक्टिव डिजिटल कॉन्फेटी या ईस्टर एग्स के बजाय नॉस्टैल्जिया (पुरानी यादों) को चुना है और अपने सबसे पहले प्री-लॉन्च बीटा वर्जन वाले लोगो को डूडल के रूप में पेश किया है।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी की आधिकारिक स्थापना की तारीख चार सितंबर 1998 है। खुद गूगल ने भी माना है कि कंपनी 4 सितंबर को इनकॉरपोरेट हुई थी, लेकिन फिर भी वह लंबे समय से 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाती आ रही है। आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह।
क्या है आज के डूडल का मतलब?
- गूगल के 28वें जन्मदिन का डूडल कंपनी के शुरुआती दिनों की याद दिलाता है। इसमें गूगल के पुराने लोगो को जगह दी गई है, जो कंपनी के शुरुआती दौर और उसके सफर की ओर इशारा करता है। गूगल ने अपने जन्मदिन के मौके पर इस नॉस्टैल्जिक अंदाज के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि एक छोटे से रिसर्च प्रोजेक्ट से शुरू हुई कंपनी ने पिछले 28 वर्षों में कितना लंबा सफर तय किया है। कंपनी के अनुसार, डूडल का मकसद यूजर्स को उसके शुरुआती दिनों की यादों से जोड़ना है।
- दिलचस्प बात यह है कि गूगल के लिए डूडल की परंपरा भी उसके शुरुआती दिनों से जुड़ी है। पहला डूडल 1998 में तब बनाया गया था, जब सह-संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन बर्निंग मैन फेस्टिवल में शामिल होने के लिए ऑफिस से बाहर गए थे। उस समय लोगो में बदलाव को एक तरह के ‘आउट ऑफ ऑफिस’ संदेश के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। यहीं से गूगल डूडल की परंपरा की शुरुआत हुई।
गूगल का पहले क्या नाम था?
- गूगल की कहानी की शुरुआत आज से कई साल पहले स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से हुई थी। लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने वेब पर मौजूद पेजों के बीच लिंक को आधार बनाकर सर्च को बेहतर बनाने वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था।
- इस प्रोजेक्ट का शुरुआती नाम BackRub (बैकरब) था।
- बाद में इसका नाम बदलकर गूगल किया गया। यह नाम Googol शब्द से प्रेरित था, जिसका मतलब एक के बाद 100 शून्य वाली संख्या है। गूगल ने भी अपनी 25वीं वर्षगांठ के मौके पर googol को अपने नाम की प्रेरणा से जोड़ा था।
फिर 27 सितंबर को ही क्यों मनता है गूगल का जन्मदिन?
- यही गूगल की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा माना जाता है। कंपनी के शुरुआती वर्षों में गूगल ने अपना जन्मदिन हमेशा एक ही तारीख को नहीं मनाया। अलग-अलग वर्षों में जन्मदिन से जुड़े डूडल अलग-अलग सितंबर की तारीखों पर दिखाई दिए।
- इसके बाद 2018 में गूगल ने खुद बताया था कि कंपनी चार सितंबर को इनकॉरपोरेट हुई थी, लेकिन वह एक दशक से ज्यादा समय से 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाती आ रही थी। 2005 के आसपास 27 सितंबर की तारीख स्थायी रूप से गूगल के जन्मदिन के तौर पर स्थापित हो गई। बता दें कि उस समय गूगल और याहू के बीच सर्च इंडेक्स के आकार को लेकर प्रतिस्पर्धा भी चर्चा में थी।
2005 में सर्च इंडेक्स को लेकर थी बड़ी प्रतिस्पर्धा
- 2005 में गूगल और याहू के बीच इस बात को लेकर जोरदार प्रतिस्पर्धा थी कि किस सर्च इंजन के पास कितना बड़ा इंडेक्स है। सितंबर 2005 में गूगल ने अपने सर्च इंडेक्स को लेकर बड़ा अपडेट दिया था। उस समय गूगल के होमपेज पर उसके इंडेक्स में मौजूद वेब पेजों की संख्या भी दिखाई जाती थी।
- इसी दौर को 27 सितंबर की तारीख के साथ गूगल के जन्मदिन समारोह के स्थायी रूप से जुड़ने की एक प्रमुख वजह के तौर पर बताया जाता है। हालांकि, गूगल ने खुद 27 सितंबर को चुनने की कोई एक निश्चित आधिकारिक वजह नहीं बताई है। कंपनी ने सिर्फ इतना कहा है कि जन्मदिन की तारीख वर्षों में बदलती रही है।
अब 27 सितंबर बन चुका है गूगल का बर्थडे
- समय के साथ 27 सितंबर गूगल के लिए जन्मदिन की तय तारीख बन गई। इसके बाद कंपनी हर साल इस दिन खास डूडल के जरिए अपनी यात्रा और इतिहास को याद करती रही है।
- 2023 में गूगल ने अपनी 25वीं वर्षगांठ पर भी खास डूडल जारी किया था, जिसमें कंपनी के पुराने लोगो के अलग-अलग रूप दिखाए गए थे। आज 27 सितंबर डूडल की कानूनी स्थापना की तारीख से ज्यादा उसकी सर्च यात्रा, विकास और वैश्विक पहुंच का प्रतीक बन चुका है।
28 साल में कितना बदला गूगल?
- बदलाव की बात करें तो 1990 के दशक में स्टैनफोर्ड से शुरू हुआ एक सर्च प्रोजेक्ट आज सर्च से कहीं . बढ़ चुका है। गूगल के प्रोड्क्ट में सर्च के साथ मैप्स, एआई, मोबाइल और कई दूसरी डिजिटल सेवाएं शामिल हो चुकी हैं।
- कंपनी ने अपनी 25वीं वर्षगांठ पर भी कहा था कि गूगल अब केवल एक सर्च इंजन नहीं है, बल्कि एआई समेत कई क्षेत्रों में काम कर रहा है। यानी चार सितंबर गूगल की कानूनी शुरुआत की तारीख है, जबकि 27 सितंबर वह तारीख है जिसे कंपनी अपने जन्मदिन के रूप में मनाती है। यही वजह है कि हर साल 27 सितंबर को गूगल का खास डूडल दुनिया भर के यूजर्स का ध्यान खींचता है।