Technology, टेक टिप्स: फोन पर बना क्यूआई का निशान सिर्फ लोगो नहीं, बताता है वायरलेस चार्जिंग का मतलब; कैसे करता है काम? – What Qi Logo Your Phone Mean? Know How Wireless Charging Works — INA

सार
क्या आपने कभी वायरलेस चार्जर या फोन के बॉक्स पर लिखे Qi का निशान ध्यान से देखा है? अधिकतर लोग इसे सिर्फ एक सामान्य लोगो मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आपके फोन की वायरलेस चार्जिंग तकनीक से जुड़ा सबसे अहम कोड है। इसका उच्चारण कैसे होता है, यह काम कैसे करता है और नया Qi2 स्टैंडर्ड क्या है? जानिए इसके बारे में विस्तार से…

अगर आपने कभी वायरलेस चार्जर, स्मार्टफोन या उसके बॉक्स को ध्यान से देखा है तो उस पर क्यूआई का निशान जरूर नजर आया होगा। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक लोगो समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह निशान आपके डिवाइस की वायरलेस चार्जिंग क्षमता से जुड़ी अहम जानकारी देता है।
दरअसल, क्यूआई एक वायरलेस चार्जिंग स्टैंडर्ड है। इसे अलग-अलग कंपनियों के डिवाइस और चार्जर के बीच बेहतर कम्पैटिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। वायरलेस पावर कंसोर्टियम (डब्ल्यूपीसी) क्यूआई को वायरलेस पावर ट्रांसफर के लिए ग्लोबल इंटरफेस स्टैंडर्ड के तौर पर विकसित करता है। यानी फोन और चार्जर दोनों क्यूआई स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं तो उनके बीच वायरलेस चार्जिंग की कम्पैटिबिलिटी होने की संभावना रहती है।
क्यूआई का मतलब क्या होता है?
- क्यूआई का उच्चारण आमतौर पर ची किया जाता है। यह चीनी शब्द है, जिसका संबंध ऊर्जा के प्रवाह या जीवन शक्ति से है। वायरलेस पावर कंसोर्टियम के अनुसार वायरलेस पावर ट्रांसफर के लिए बनाया गया एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड है।
- इसका मुख्य मकसद अलग-अलग कंपनियों के वायरलेस चार्जिंग डिवाइस के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक-दूसरे के साथ काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना है।
- इसका मतलब है कि अगर आपके स्मार्टफोन और वायरलेस चार्जर दोनों क्यूआई को सपोर्ट करते हैं, तो वे एक-दूसरे के साथ काम कर सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर क्यूआई चार्जर आपके फोन को एक जैसी स्पीड से चार्ज करेगा।
क्यूआई वायरलेस चार्जिंग कैसे काम करती है?
- क्यूआई चार्जिंग में बिजली को वायरलेस तरीके से ट्रांसफर करने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
- वायरलेस चार्जर के अंदर एक कॉइल होती है। जब इसमें बिजली पहुंचती है तो इसके आसपास एक मैग्नेटिक फील्ड बनता है।
- जब क्यूआई सपोर्ट वाला फोन चार्जिंग पैड पर सही स्थिति में रखा जाता है, तो फोन के अंदर मौजूद रिसीवर कॉइल इस मैग्नेटिक एनर्जी को प्राप्त करती है। इसके बाद फोन का सिस्टम इस एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलकर बैटरी चार्ज करने में इस्तेमाल करता है।
- यही वजह है कि वायरलेस चार्जिंग में फोन और चार्जर के बीच किसी फिजिकल केबल कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती।
क्यूआई का निशान देखकर क्या समझें?
- अगर आप भी किसी फोन, वायरलेस चार्जर या दूसरे डिवाइस पर क्यूआई का लोगो दिखाई देता है, तो यह बताता है कि वह क्यूआई वायरलेस चार्जिंग स्टैंडर्ड से जुड़ा है।
- हालांकि, सिर्फ लोगो देखकर चार्जिंग की स्पीड का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। वायरलेस पावर कंसोर्टियम के मुताबिक क्यूआई लोगो इस्तेमाल करने के लिए प्रोडक्ट को संबंधित टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होता है।
- डब्ल्यूपीसी के पास क्यूआई-सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स का एक डेटाबेस भी है, जहां किसी प्रोडक्ट की सर्टिफिकेशन जानकारी देखी जा सकती है।
हर क्यूआई चार्जर से एक जैसी स्पीड क्यों नहीं मिलती?
- यह एक जरूरी बात है। क्यूआई स्टैंडर्ड होने का मतलब यह नहीं है कि हर चार्जर हर फोन को एक जैसी स्पीड से चार्ज करेगा।
- अलग-अलग डिवाइस में पावर लिमिट, चार्जिंग प्रोफाइल और सॉफ्टवेयर सपोर्ट अलग हो सकते हैं। यही वजह है कि वायरलेस चार्जर खरीदते समय केवल क्यूआई का लोगो देखकर फैसला करना सही नहीं है।
- आपको अपने फोन की मैक्सिमम वायरलेस चार्जिंग पावर और चार्जर की ओर से दी जाने वाली पावर को भी देखना चाहिए।
- जैसे मान लीजिए कि अगर आपका फोन किसी खास पावर तक वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करता है और चार्जर उससे ज्यादा पावर देने में सक्षम है, तब भी फोन अपनी समर्थित सीमा के हिसाब से ही चार्ज होगा।
अब आया क्यूआई2, इसमें क्या खास है?
- क्यूआई का नया जेनरेशन स्टैंडर्ड क्यूआई2 है। वायरलेस पावर कंसोर्टियम ने क्यूआई2 को वायरलेस चार्जिंग को ज्यादा सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के लिए पेश किया है।
- क्यूआई2की सबसे खास बातों में से एक मैग्नेटिक अलाइनमेंट है। इसके मैग्नेटिक पावर प्रोफाइल की मदद से फोन और चार्जर की कॉइल को सही स्थिति में रखने में मदद मिलती है।
- सही अलाइनमेंट होने से फोन और चार्जर के बीच ऊर्जा ट्रांसफर के दौरान होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है। इससे वायरलेस चार्जिंग ज्यादा प्रभावी और सुविधाजनक बनती है।
क्यूआई2 सिर्फ मैग्नेट वाला चार्जर नहीं है
यहां एक जरूरी अंतर समझना भी जरूरी है। क्यूआई2 के तहत मैग्नेटिक पावर प्रोफाइल (MPP) के अलावा ऐसा एक्सटेंडेड पावर प्रोफाइल भी है जिसमें मैग्नेट जरूरी नहीं हैं, लेकिन वह क्यूआई 2 स्टैंडर्ड का पालन करता है। यानी हर क्यूआई 2-सर्टिफाइड चार्जिंग सिस्टम में जरूरी नहीं कि आपको मैग्नेटिक अटैचमेंट ही मिले।
चार्जर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- अगर आप नया वायरलेस चार्जर खरीदने की सोच रहे हैं तो केवल क्यूआई का लोगो देखकर फैसला न करें। इन चीजों को जरूर देखें:
- आपका फोन कौन सा क्यूआई वर्जन सपोर्ट करता है।
- फोन की अधिकतम वायरलेस चार्जिंग पावर कितनी है।
- चार्जर कितनी पावर देने में सक्षम है।
- चार्जर वास्तव में क्यूआई सर्टिफाइड है या नहीं।
- अगर क्यूआई 2 चार्जर खरीद रहे हैं तो देखें कि वह किस क्यूआई 2 प्रोफाइल को सपोर्ट करता है।
- डब्ल्यूपीसी के मुताबिक, किसी प्रोडक्ट की सर्टिफिकेशन जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका उसके सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स डाटा में उसे देखना है।