UP News: गुरुग्राम: शादी में कुछ हफ्ते बाकी थे, शेरवानी भी खरीद ली थी… फिर गायब हुआ युवराज, नाले में मिला शव; क्या है कहानी? – INA

शादी में कुछ ही हफ्ते बाकी थे, नई शेरवानी भी खरीद ली थी और घर में तैयारियां चल रही थीं. इसी बीच 31 साल के युवराज सिंह मनचंदा एक पूर्व महिला सहकर्मी से मिलने के लिए घर से निकले, लेकिन फिर वापस नहीं लौटे. परिवार को लगा कि वह जल्द लौट आएंगे, मगर कई दिनों बाद उनकी मौत की खबर सामने आई. गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके के एक नाले से उनका शव मिला. अब परिवार शव की पहचान से लेकर अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है.
युवराज की बहन करिश्मा के मुताबिक, परिवार ने उनसे 6 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे आखिरी बार बात की थी. उस समय युवराज ने बताया था कि वह एक पूर्व महिला सहकर्मी से मिलने जा रहे हैं और करीब 20 मिनट में वह महिला वहां पहुंचने वाली है. मीटिंग के बाद उन्होंने घर फोन करने की बात कही थी.
करिश्मा के अनुसार, युवराज शादी की खरीदारी के लिए परिवार के साथ लाजपत नगर गए थे. उन्होंने अपनी शेरवानी फाइनल की थी. परिवार के मुताबिक, युवराज ने अपनी मंगेतर और बॉस को भी मीटिंग के बारे में बताया था.
इसके बाद परिवार को युवराज के फोन से लगातार मैसेज मिले. उन्होंने शुरुआत में बताया कि वह ठीक हैं और फोन स्विच ऑफ हो सकता है. बाद में कभी शनिवार तो कभी गुरुवार को लौटने की बात कही गई. जब परिवार ने वीडियो कॉल पर चेहरा दिखाने को कहा तो भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई.
11 सितंबर को दर्ज कराई गई गुमशुदगी की शिकायत
परिवार के मुताबिक, युवराज के अचानक लापता होने से सभी परेशान थे. उनके पिता आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं, जबकि मां भी अक्सर बीमार रहती हैं. युवराज के बचपन के दोस्त रजत जैन ने बताया कि उन्होंने कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली थी.
परिवार ने युवराज के वापस आने का इंतजार करने के बाद 11 सितंबर को पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद दिल्ली पुलिस की जांच पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके पति संयम सचदेवा तक पहुंची.
उत्तराखंड के पीजी से गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, तकनीकी निगरानी के जरिए अन्या और संयम की मौजूदगी का पता लगाया गया. इसके बाद दोनों को उत्तराखंड के एक पीजी से गिरफ्तार किया गया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने युवराज की हत्या और शव को गुरुग्राम के एक नाले में फेंकने की बात बताई.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे युवराज और अन्या के बीच वित्तीय विवाद की आशंका सामने आई है. तीनों पहले एक ही रियल एस्टेट कंपनी में काम करते थे. अन्या को कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते कंपनी से निकाल दिया गया था.
शव मिलने के बाद परिवार ने उठाए सवाल
गुरुग्राम पुलिस ने 10 सितंबर को बादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक नाले से अज्ञात शव बरामद किया था. परिवार का आरोप है कि दिल्ली में युवराज की गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद उन्हें शव बरामद होने की जानकारी नहीं दी गई.
परिवार के अनुसार, उन्हें बाद में दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि शव 10 सितंबर को ही मिल गया था और 14 सितंबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. करिश्मा ने आरोप लगाया कि परिवार को युवराज की कोई निजी वस्तु भी नहीं दी गई. परिवार ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि शुरुआती तौर पर मौत की वजह डूबना बताई गई थी.
पुलिस हत्या के तरीके और आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी
पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने युवराज को उनकी कार पार्क करवाने के बाद अपनी एसयूवी में बैठाया था. सूत्रों के अनुसार, युवराज आगे बैठे थे, जबकि अन्या पीछे और संयम वाहन चला रहा था. कथित तौर पर अन्या ने पीछे से युवराज की गर्दन में गोली मारी. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर हत्या के तरीके की पुष्टि नहीं की है.
पुलिस आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और हत्या की परिस्थितियों की जांच कर रही है. अन्या और संयम को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. पुलिस अन्या से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच कर रही है, जिनमें आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं.
गुरुग्राम: शादी में कुछ हफ्ते बाकी थे, शेरवानी भी खरीद ली थी… फिर गायब हुआ युवराज, नाले में मिला शव; क्या है कहानी?
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