UP News: जबलपुर की ‘SP की पाठशाला’ का कमाल, 63 गरीब युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का तोहफा – INA

Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस की एक अनोखी पहल रंग ला रही है. पुलिस लाइन में संचालित एस.पी. की पाठशाला ने एक बार फिर सफलता के झंडे गाड़े हैं. मंगलवार 16 अप्रैल 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन 63 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और इस पाठशाला के मार्गदर्शन से सरकारी नौकरियों में स्थान पक्का किया है.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल सिंह मौजूद रहे. उन्होंने पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान किए. इस दौरान DIG सिंह ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, वैसे ही आप सभी ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है. यह पाठशाला पुलिस परिवार और गरीब तबके के बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है.
इस सत्र में कुल 63 अभ्यर्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बाजी मारी है, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस में 53 कांस्टेबल, BSF/RPF में 4 कांस्टेबल, शिक्षा विभाग 3 वर्ग-3, बैंकिंग क्षेत्र में 1 PO ग्रामीण बैंक और 01 क्लर्क इंडियन बैंक इसके साथ ही दिल्ली पुलिस एक युवा कांस्टेबल के पद पर चयन हुआ है. SP सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में संचालित यह पाठशाला साल 2020 से निरंतर कार्य कर रही है.
अब तक कितने बच्चों का हो चुका चयन?
आंकड़ों पर नजर डालें तो इसकी सफलता की कहानी बेहद प्रभावित करने वाली है. 2021-2024 में 124 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, इसके साथ ही 2025 में 102 चयन, 2026 में अब तक 83 बच्चों का चयन हुआ है. अब तक 389 अभ्यर्थी शासकीय सेवा में नियुक्त हो चुके हैं. ‘एसपी की पाठशाला’ की खासियत यह है कि यहां न केवल किताबी ज्ञान (थ्योरी) बल्कि शारीरिक दक्षता (फिजिकल ट्रेनिंग) पर भी समान जोर दिया जाता है. वर्तमान में यहां 72 विद्यार्थी थ्योरी और 48 विद्यार्थी फिजिकल क्लास का लाभ ले रहे हैं.
एक्सपर्ट दे रहे बच्चों को सफलता के गुर
इस पाठशाला में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के व्याख्याताओं से लेकर रेलवे और सहकारिता विभाग के अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. डॉ. आशीष यादव (नागरिक शास्त्र), विकास तिवारी (इतिहास), कमलेश इंगले (मैथ्स), और नीलेश इंगले (रीजनिंग) जैसे विशेषज्ञ बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. वहीं, रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य के नेतृत्व में पुलिस विभाग के प्रशिक्षित जवान बच्चों को मैदानी ट्रेनिंग दे रहे हैं.
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि हमारा लक्ष्य पुलिस परिवार और समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को एक ऐसा मंच देना है, जहां संसाधनों की कमी उनकी सफलता में बाधा न बने. उन्होंने उन युवाओं को भी ढांढस बंधाया जो इस बार सफल नहीं हो सके, उन्होंने कहा कि लगन और मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, प्रयास जारी रखें.
जबलपुर की ‘SP की पाठशाला’ का कमाल, 63 गरीब युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का तोहफा
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