UP News: बलिया रेप केस: आरोपी को 25 साल की सजा, नाबालिग को शादी का झांसा देकर किया था दुष्कर्म – INA

Ballia Rape Case: उत्तर प्रदेश की बलिया जिले की एक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. यह मामला करीब ढाई साल पुराना है, जब आरोपी ने नाबालिग को पहले तो अगवा किया था और रेप की घटना को अंजाम दिया था. पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल की थी.
जानकारी के अनुसार, यह मामला बलिया जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है. यहां 23 नवंबर 2023 की सुबह-सुबह गांव के ही रहने वाली बंटी चौहान नाम के युवक ने 15 साल की किशोरी को शादी का झांसा देकर अगवा कर लिया. इस बात की जानकारी होते ही उसके घर में हड़कंप मच गया. किशोरी की मां ने तुरंत भीमपुरा थाना क्षेत्र में बंटी चौहान के खिलाफ तहरीर दी.
किशोरी के साथ दुष्कर्म
मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं में आरोपी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया. कुछ ही समय में पुलिस ने किशोरी की बरामद कर लिया. पूछताछ में उसने अपने साथ हुई दुष्कर्म की जानकारी दी. पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.
25 साल का कठोर कारावास
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रथमकांत की अदालत में हुई. सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 25 साल के कठोर कारावास और 35 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है. पीड़ित पक्ष की तरफ से प्रभावी पैरवी के कारण ही आरोपी को सजा मिल पाई है. कोर्ट के इस फैसले को नाबालिग के साथ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें: मुस्लिम बेटी के पिता को मिला हिंदू दामाद, सनातन परंपरा से कराई शादी, बताया क्यों हुए राजी वेडिंग कार्ड भी खूब हो रहा वायरल
बलिया रेप केस: आरोपी को 25 साल की सजा, नाबालिग को शादी का झांसा देकर किया था दुष्कर्म
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,



