UP News: फैक्ट्रियां खुलीं, काम पर आए मजदूर… 3 दिन बाद पटरी पर लौटा नोएडा, भारी पुलिस बल अभी भी तैनात – INA

Noida News: नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है. नोएडा फेस-2, सेक्टर-63 और सेक्टर-57 समेत कई औद्योगिक इलाकों में फैक्ट्रियां फिर से खुल गई हैं. श्रमिक अपने-अपने काम पर लौटने लगे हैं. हालांकि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है. पूरे इलाके में सख्त निगरानी की जा रही है. इस पूरी हिंसा के पीछे पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा सोशल मीडिया को लेकर हुआ है. वहीं नोएडा हिंसा में अब तक 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 62 गिरफ्तारियां हुई हैं.
जानकारी के मुताबिक, केवल तीन दिनों के भीतर करीब 80 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे. इनमें से 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस के पास है, जबकि 17 ग्रुप का सत्यापन किया जा चुका है. इन ग्रुप से मजदूरों की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा कम और भीड़ जुटाने व हिंसा फैलाने जैसे संदेश ज्यादा शेयर किया जा रहे थे. फैक्ट्री में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस से भिड़ने जैसी बातें खुलेआम लिखी जा रही थीं, जिससे साफ होता है कि हिंसा को संगठित तरीके से भड़काने की कोशिश की गई.
संगठनों की भूमिका पर सवाल
जांच में तीन संगठनों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से एक संगठन का प्रमुख नेता इसमें शामिल रहा. इस संगठन से जुड़े लोगों पर आरोप है कि वह औद्योगिक क्षेत्र में घूम-घूम कर मजदूरों को भड़का रहे थे. पुलिस ने संगठन के नेता रूपेश राय को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा 18 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है, जो अलग-अलग जगहों पर मजदूरों को उकसाने और भीड़ जुटाने में सक्रिय थे.
ये भी पढ़ें- 13 प्रोजेक्ट, 1300 करोड़ का निवेश और 8 जिले UP RERA के फैसले से बूस्ट होगा ये सेक्टर
जांच में यह भी सामने आया कि जिन संगठनों और लोगों की भूमिका इस हिंसा में सामने आई, उनका संबंध हरियाणा के मानेसर में हुई घटना से भी है. इससे यह सब और मजबूत हो गया कि यह नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय है. समय-समय पर इस तरह के आंदोलन को बनाने में भूमिका निभाता रहा है.
फर्जी सोशल मीडिया हैंडल और ‘X’ से कनेक्शन
पुलिस को 50 से ज्यादा संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी मिली है, जिनमें से कई हाल ही में बनाए गए थे. इन हैंडल्स के जरिए लगातार भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही थी. इन पोस्ट का मकसद माहौल को गर्म करना. ज्यादा से ज्यादा लोगों को सड़क पर लाने का था. पुलिस ने इन अकाउंट की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित कंपनियों को पत्र और ईमेल भेजे हैं, ताकि इनके संचालकों की पहचान की जा सके.
वहीं पुलिस अब इस पूरे मामले में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है. वॉट्सऐप चैट, सोशल मीडिया पोस्ट और कॉल डिटेल्स को खंगाल जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है. पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस की सख्ती और लगातार निगरानी
हिंसा के बाद पुलिस ने फेस-2, सेक्टर 63, सेक्टर-57 और ईकोटेक थर्ड… इन सभी औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. हर संवेदनशील इलाकों में जवान तैनात किए गए हैं. ड्रोन व CCTV के जरिए निगरानी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. अगर कोई दोबारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फैक्ट्रियां खुलीं, काम पर आए मजदूर… 3 दिन बाद पटरी पर लौटा नोएडा, भारी पुलिस बल अभी भी तैनात
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,


