UP News: नीले ड्रम से कोर्ट में गवाही तक… मेरठ के सौरभ हत्याकांड की कहानी, मुस्कान-साहिल पर कल आएगा फैसला – INA

Meerut Saurabh Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड अब फैसले के करीब पहुंच गया है. इस मामले में 30 सितंबर को मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा फैसला सुनाएंगे. करीब छह महीने से ज्यादा समय से चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट में 126 तारीखें पड़ीं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को भी फैसले के दिन कोर्ट में पेश किया जाएगा. सौरभ राजपूत की हत्या के बाद शव को उसके ही घर में नीले रंग के ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाने का आरोप है. इसी वजह से यह मामला देशभर में ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड के नाम से चर्चा में आया था.
सौरभ हत्याकांड में 17 मार्च 2025 को मामला कोर्ट पहुंचा था. इसके बाद 19 मार्च को आरोपी मुस्कान और साहिल को जेल भेज दिया गया. जुलाई 2025 में केस जिला जज की कोर्ट में ट्रायल के लिए आया. अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से लंबे समय तक बहस चली. अभियोजन पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी केके चौबे के मुताबिक, मामले में गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. अभियोजन की ओर से आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई है. अब कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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पुलिस के मुताबिक- पहले से की गई थी तैयारी
पुलिस की जांच के अनुसार, सौरभ की हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए सामान को पहले ही जुटाया गया था. जांच में चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और बड़ा नीला ड्रम खरीदे जाने की बात सामने आई थी. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सौरभ की हत्या के बाद शव को कई हिस्सों में काटा गया. उसे सीमेंट में डालकर नीले ड्रम के अंदर छिपा दिया गया. पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बारे में भी कोर्ट में बयान दर्ज कराया.
भाई ने कोर्ट में मुस्कान और साहिल पर लगाया आरोप
सौरभ के भाई बबलू राजपूत ने कोर्ट में कई बार गवाही दी. उसने बताया कि एक समय सौरभ से उसकी बातचीत नहीं हो पा रही थी. 17 मार्च को उसे सौरभ के घर में शव पड़े होने की जानकारी मिली. बबलू ने कोर्ट में आरोप लगाया कि सौरभ की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और साहिल ने मिलकर की. उसने पुलिस को दी गई शिकायत और मामले से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में भी अदालत को जानकारी दी.
मां ने पुराने रिश्ते को लेकर भी दिए बयान
सौरभ की मां रेणू राजपूत ने कोर्ट में कहा कि परिवार की इच्छा के खिलाफ सौरभ ने मुस्कान से शादी की थी. उनके मुताबिक, शादी के बाद दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं थे. रेणू ने यह भी दावा किया कि मुस्कान शादी से पहले से साहिल को जानती थी और सौरभ के विदेश जाने के दौरान भी दोनों के संपर्क में थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ ने मुस्कान को साहिल से दूर रहने के लिए कहा था, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा.
सौरभ के दोस्त ने अदालत में बताया कि वह ब्रह्मपुरी में ही रहता है और सौरभ को अच्छी तरह जानता था. उसके मुताबिक, 3 मार्च की रात उसने साहिल को सौरभ के घर की ओर जाते हुए देखा था. गवाह के अनुसार, उस रात घर में सौरभ और मुस्कान मौजूद थे. बाद में उसे सौरभ की हत्या की जानकारी मिली. घर से नीले ड्रम में शव मिलने की बात सामने आई.
सीमेंट और बालू खरीदने वाले दुकानदार की गवाही
मामले में बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी आशू की गवाही भी अहम रही. उसने कोर्ट को बताया कि उसकी शारदा रोड पर बालू-सीमेंट की दुकान है. उसके मुताबिक, एक युवक और युवती ई-रिक्शा से उसकी दुकान पर आए थे. दोनों ने एक बोरी बालू और दो बोरी सीमेंट खरीदा था. दुकानदार ने कहा कि उसने सामान्य ग्राहक समझकर सामान बेचा था और बिक्री का रिकॉर्ड भी उसके पास मौजूद था. अभियोजन पक्ष ने इस गवाही को शव छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए सामान की खरीद से जोड़कर पेश किया.
डॉक्टर ने कहा- मैंने नशे की दवा नहीं लिखी
मामले में डॉक्टर अरविंद की भी गवाही हुई. उन्होंने बताया कि मुस्कान उनके पास जांच कराने आई थी. उसने बुखार और तबीयत खराब होने की शिकायत की थी. डॉक्टर के मुताबिक, उन्होंने अपने पर्चे पर बुखार और सिरदर्द की दवाएं लिखी थीं. डॉक्टर ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने मुस्कान को मिजोलम जैसी नशीली दवा नहीं लिखी थी. पुलिस जांच में दवा खरीदने से जुड़े पहलुओं को भी मामले की जांच का हिस्सा बनाया गया था.
ड्रम काटने वाले कर्मचारी ने बताई पूरी स्थिति
नीले ड्रम के अंदर शव मिलने के बाद उसे काटकर खोलने वाले अशोक ने भी कोर्ट में बयान दिया. उसने बताया कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की सूचना पर उसे बुलाया गया था. पुलिसकर्मी उसे मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी ले गए, जहां नीला ड्रम रखा था. अशोक के मुताबिक, ड्रम का ढक्कन खोलने की कोशिश की गई, लेकिन वह जाम था. इसके बाद उसने ड्रम को लंबाई में काटा. ड्रम के अंदर सीमेंट जमा था. सीमेंट के बीच तकिए के दो खोल, शव के अवशेष, उस्तरा और चाकू भी मिले.
3 हिस्सों में मिला था शव
पंचनामा तैयार करने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़ ने कोर्ट में बताया कि नीले प्लास्टिक के ड्रम के अंदर सीमेंट में एक युवक का शव दबा हुआ था. ड्रम को मजदूरों से कटवाया गया था. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ड्रम के अंदर सौरभ का शव तीन हिस्सों में मिला था. लंबे समय तक सीमेंट में दबे रहने की वजह से शव के कुछ हिस्सों का रंग भी बदल गया था.
पोस्टमॉर्टम में धारदार हथियार के निशान मिले
सौरभ का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में बताया कि शव से सिर और हाथ समेत शरीर के अलग-अलग हिस्से मिले थे. शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान भी थे. डॉक्टर ने बताया कि शरीर की जांच में कुछ ऐसा पदार्थ भी मिला था, जो मौत से पहले खाने के जरिए शरीर में पहुंचा था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को अभियोजन पक्ष ने हत्या से जुड़े साक्ष्यों के तौर पर कोर्ट के सामने रखा.
हत्या के बाद यात्रा करने का भी आरोप
मामले में कैब ड्राइवर अजब सिंह की गवाही भी हुई. उसने बताया कि उसने मुस्कान और साहिल को अपनी कैब से कई जगहों पर घुमाया था. उसके मुताबिक, दोनों ने यात्रा के दौरान शराब भी पी थी. ड्राइवर ने कहा कि उसे उस समय यह जानकारी नहीं थी कि दोनों पर सौरभ की हत्या का आरोप है. बाद में 19 मार्च को अखबार में सौरभ हत्याकांड की खबर और मुस्कान-साहिल की तस्वीर देखने के बाद उसे पता चला कि यही दोनों उसकी कैब में यात्रा कर रहे थे.
शिमला के होटल में पति-पत्नी बताकर रुके थे
शिमला के होटल लॉर्ड्स ग्रे के मैनेजर देवेंद्र ने भी कोर्ट में गवाही दी. उन्होंने बताया कि मुस्कान और साहिल होटल में ठहरे थे. होटल में दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था और पहचान के लिए आधार कार्ड भी जमा कराया था. अभियोजन पक्ष ने इस गवाही को हत्या के बाद दोनों की यात्रा से जोड़कर कोर्ट के सामने रखा.
नीले ड्रम से कोर्ट में गवाही तक… मेरठ के सौरभ हत्याकांड की कहानी, मुस्कान-साहिल पर कल आएगा फैसला
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