UP News: नोएडा में ‘कूड़ा घोटाला’: सड़कों पर लगा गंदगी का ढेर, सफाई की 157 गाड़ियां नदारद, कंपनी पर 10.38 लाख का जुर्माना – INA

नोएडा में ‘कूड़ा घोटाला’: सड़कों पर लगा गंदगी का ढेर, सफाई की 157 गाड़ियां नदारद, कंपनी पर 10.38 लाख का जुर्माना

Noida News: उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक और हाईटेक शहर नोएडा की सफाई व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. स्मार्ट सिटी के दावों के बीच डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में भारी धांधली और लापरवाही सामने आई है. नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए सफाई का जिम्मा संभाल रही एजी इनवाईरो (AG ENVIRO) कंपनी पर 10.38 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.

यह कार्रवाई तब हुई जब जांच में पाया गया कि कागजों पर दौड़ने वाली कूड़ा गाड़ियां जमीन से पूरी तरह नदारद थीं. इस पूरे मामले ने शहर की स्वच्छता रैंकिंग और करोड़ों के सफाई बजट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जीपीएस मॉनिटरिंग ने खोली पोल

नोएडा प्राधिकरण की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि 25 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच करीब 157 कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां और ई-रिक्शा अपने निर्धारित रूट पर चले ही नहीं. नोएडा में सफाई व्यवस्था के लिए कुल 300 गाड़ियाँ तैनात हैं, जिनमें 220 छोटा हाथी (टेंपो) और लगभग 80 ई-रिक्शा शामिल हैं.

चूंकि इन सभी गाड़ियों में जीपीएस (GPS) सिस्टम लगा हुआ है, इसलिए इनकी हर सेकंड की लोकेशन कंट्रोल रूम में दर्ज होती है. प्राधिकरण की मॉनिटरिंग टीम ने पाया कि एक हफ्ते तक ये गाड़ियां या तो कंपनी के यार्ड में खड़ी रहीं या फिर जानबूझकर रूट पर नहीं भेजी गईं. काम में इस गंभीर चूक के लिए कंपनी पर 3.92 लाख रुपये का जुर्माना सिर्फ गाड़ियों की अनुपस्थिति के लिए लगाया गया है.ॉ

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1.29 लाख घरों में नहीं बजा ‘सफाई का गाना’

गाड़ियों के न चलने का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ा. जांच रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, महज 7 दिनों के भीतर नोएडा के करीब 1.29 लाख से अधिक घरों से कूड़ा नहीं उठाया गया. जब घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगने लगे और बदबू फैलने लगी, तो मजबूरी में लोगों ने खाली प्लॉटों, मुख्य मार्गों और ग्रीन बेल्ट में कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया. इससे शहर के पॉश सेक्टरों की छवि धूमिल हुई और स्वच्छता अभियान को तगड़ा झटका लगा. नियमित कलेक्शन न होने की इस लापरवाही पर कंपनी पर 6.5 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना ठोंका गया है.

खराब मेंटेनेंस और ठेकेदार की मनमानी

प्राधिकरण की जांच में यह भी कड़वा सच सामने आया कि उपलब्ध गाड़ियों में से लगभग 25 प्रतिशत गाड़ियां कंडम और खराब हालत में थीं. कंपनी ने इन गाड़ियों की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया. इस मामले पर कंपनी के मैनेजर शिवांशु कुमार का कहना है कि नोएडा में संचालित 300 गाड़ियों के प्रबंधन में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है. ठेकेदार ने समय पर मेंटेनेंस नहीं कराया, जिसके चलते गाड़ियां रूट पर नहीं उतर सकीं. हालांकि, अब इन गाड़ियों की मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने का दावा किया जा रहा है.

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अथॉरिटी की सख्त चेतावनी, रद्द हो सकता है एग्रीमेंट

नोएडा अथॉरिटी के ओएसडी इंदु प्रकाश ने बताया कि कई सेक्टरों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गाड़ियां समय पर नहीं आ रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्राधिकरण ने कंपनी को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी, तो एजी इनवाईरो का टेंडर/एग्रीमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना जीपीएस रिपोर्ट की समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर कड़ी कार्रवाई करें.

स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल

ये पहली बार नहीं है जब नोएडा या ग्रेटर नोएडा में सफाई ठेकेदारों पर गाज गिरी है, लेकिन 157 गाड़ियों का एक साथ गायब होना किसी बड़े घोटाले से कम नहीं है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के भुगतान के दौरान जब ऑडिट किया गया, तब यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया. सवाल यह उठता है कि क्या कंपनी बिना काम किए ही करोड़ों का भुगतान लेने की फिराक में थी? नोएडा जैसे शहर में, जहां सफाई के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहां धरातल पर ऐसी स्थिति चिंताजनक है. फिलहाल, 10.38 लाख का जुर्माना लगाकर प्राधिकरण ने एक संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन नागरिकों की मांग है कि ऐसी ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए.

नोएडा में ‘कूड़ा घोटाला’: सड़कों पर लगा गंदगी का ढेर, सफाई की 157 गाड़ियां नदारद, कंपनी पर 10.38 लाख का जुर्माना


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