UP News: ऑपरेशन लेपर्ड! मुरादाबाद के गांवों में 2 बजे के बाद बाहर निकलने पर रोक, तेंदुए की दहशत के बीच शिफ्ट हुआ स्कूल – INA

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा इलाके और रायभौड़ ग्राम पंचायत समेत आसपास के इलाकों में तेंदुए का भारी आतंक फैला हुआ है. हिंसक तेंदुए की मौजूदगी और हालिया हमलों से ग्रामीणों में गहरा खौफ है, जिससे खेती-किसानी और दैनिक आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. खतरे को देखते हुए मुनीमपुर मजरा स्थित प्राथमिक विद्यालय को बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ग्रामीण के टीन शेड में अस्थायी रूप से शिफ्ट करना पड़ा है.
तेंदुए के इस प्रकोप से निपटने के लिए प्रशासन और वन विभाग ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा अभियान शुरू किया है. मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, क्षेत्र में अब तक 13 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं और प्रभावित गांवों में कुल 46 पिंजरे लगाए गए हैं.
गांव और जंगल की सीमा पर हाई-मास्ट फ्लड लाइटें तथा हाई-फ्रीक्वेंसी ध्वनि तरंग उपकरण स्थापित किए गए हैं, ताकि तेंदुए को आबादी में आने से रोका जा सके. इसके अलावा वन विभाग, राजस्व टीम और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा संयुक्त रूप से रात में गश्त की जा रही है.
वन विभाग ने स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को समूह में आने-जाने और किसानों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच ही खेतों में कार्य करने की सख्त हिदायत दी है.
सुरक्षा के लिए उठाए गए बड़े कदम
रायभौड़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत मुनीमपुर मजरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक नियेंद्र सिंह ने क्षेत्र में तेंदुए के खौफनाक हालात की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय परिसर खेतों से सटा हुआ है और मुख्य रास्ता भी काफी असुरक्षित है. इलाके में तेंदुए द्वारा हाल ही में एक व्यक्ति पर हमला किए जाने से ग्रामीण बुरी तरह डरे हुए थे, जिसके कारण अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से साफ इनकार कर दिया था.
बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए लोगों ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के सहयोग से एक सुरक्षात्मक कदम उठाया है. वर्तमान में पिछले एक महीने से विद्यालय को आबादी के पास स्थित ओम सोमपाल सिंह के टीन शेड और बैठक स्थल पर अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है. शिक्षक लाठी-डंडों से लैस होकर अपनी सुरक्षा करते हुए भोजन लाते हैं. इस व्यवस्था की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से दे दी गई है.
ग्रामीण क्षेत्र में विद्यालयों में किए गए इंतजाम
रायभौड़ ग्राम पंचायत के प्रधान ने गांव में उपजे गंभीर तेंदुए संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में तेंदुए की भीषण दहशत फैली हुई है और इस बात का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है कि आसपास के जंगलों में वास्तव में कितने तेंदुए सक्रिय हैं. मूल स्कूल भवन का स्थान पूरी तरह से जंगली इलाके से सटा हुआ है, जहां लगातार तेंदुए का खतरा मंडराता रहता है.
ऐसे में किसी भी बच्चे को कोई चोट न पहुंचे या कोई अनहोनी घटना न घटे, इसे ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से बच्चों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है. ग्राम प्रधान ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है. जब तक तेंदुए का यह डर समाप्त नहीं हो जाता और माहौल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता है, तब तक यही वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था जारी रखी जाएगी.
दी जा रही तेंदुए से बचाव की जानकारी
ठाकुरद्वारा रेंज में तेंदुओं की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन गार्ड संजय कुमार और विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा दिशानिर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि शासन से निर्देश मिले हैं कि जंगल के पास स्थित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कभी भी अकेले न निकलें, बल्कि हमेशा ग्रुप में ही आएं और जाएं.
वन विभाग द्वारा ललापुर पीपलसाना, बलिया, बढ़ापुर, बाहापुर, पीपली और मलकपुर सेमली जैसे सभी प्रभावित गांवों के स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके माध्यम से बच्चे अपने अभिभावकों को समझाएंगे कि वे सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच ही खेतों में किसानी और चारे-कूड़े का काम पूरा करें.
दोपहर 2 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी गई है, ताकि बच्चे और उनके परिवार तेंदुए के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें.
क्या बोले जिलाधिकारी?
मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने तेंदुए से बचाव हेतु किए जा रहे व्यापक प्रशासनिक उपायों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र से अब तक 13 तेंदुए पकड़े गए हैं और 46 पिंजरे स्थापित किए गए हैं. सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्लड लाइटें और हाई-फ्रीक्वेंसी ध्वनि उपकरण लगाए गए हैं. रात में वन विभाग व ग्रामीणों की संयुक्त गश्त जारी है.
ग्रामीणों को लाठी-डंडा साथ रखने, समूह में बाहर निकलने और तेंदुए के हमले से बचने के लिए गले को ढंककर रखने की सलाह दी गई है. मृतक के परिजनों को ₹20 लाख का मुआवजा और घायलों का नि:शुल्क इलाज कराया गया है. विद्यालयों में भी सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि छुट्टी के समय कोई अकेला न रहे. प्रशासन 24×7 सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि जनहानि को रोका जा सके.
ऑपरेशन लेपर्ड! मुरादाबाद के गांवों में 2 बजे के बाद बाहर निकलने पर रोक, तेंदुए की दहशत के बीच शिफ्ट हुआ स्कूल
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