UP News: IAF के पूर्व अफसर जितेंद्र मिश्रा के CEO बनने पर राशिद अल्वी ने उठाए सवाल, BJP ने साधा निशाना – INA

अयोध्या में चंदा चोरी मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट को जितेंद्र मिश्रा के रूप में नया CEO मिल गया है. ट्रस्ट ने कल वायुसेना के पूर्व अफसर की नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी. हालांकि इस नियुक्ति को लेकर विपक्ष हमलावर है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले का क्या हुआ. दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने सेना से जुड़े शख्स की नियुक्ति पर सवाल उठाए तो बीजेपी ने उन पर निशाना साधा.
ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, “अभी की बीजेपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के जज में से किसी को राज्यपाल बना रही है तो किसी को राज्यसभा भेज रही है. लोगों के दिमाग में शक पैदा हो रहा है. अब एक रिटायर्ड एयर चीफ को राम मंदिर के ट्रस्ट का CEO बना दिया गया है. उनका इससे क्या लेना-देना है?.”
चयन के पीछे कोई सच तो नहीं छिपाः अल्वी
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कहीं कोई सच तो नहीं छिपा हुआ है जिस वजह से उन्हें यहां पर CEO बना दिया गया. बीजेपी की सरकार और हमारे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) की जो यह नीति है, वो देश को बर्बाद कर देगी. अभी तक राम मंदिर के अंदर जिन लोगों ने डकैती डाली थी, उनके न नाम पता चलें और न ही सभी को गिरफ्तार किया गया.”
क्या अब सेनाध्यक्ष को गुंडा बताएंगेः बीजेपी
राशिद अल्वी के बयान पर बीजेपी भड़क गई है. पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा सनातन और सेना का अपमान कांग्रेस की आदत बन गई है. कांग्रेस बाबरी की पैरोकार हो गई है. अब सेनाध्यक्ष को गुंडा बताएंगे, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगेंगे और पूर्व एयर मार्शल के श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ बनाए जाने पर भी सवाल उठाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन सवालों का जवाब आने वाले चुनावों में देश की जनता देगी.
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए और पूछा कि चढ़ावा चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर्मचारी अभी भी जेल में क्यों बंद हैं, जबकि कई वरिष्ठ जिम्मेदार लोगों को बिना एक्शन के ही क्लीन चिट दे दी गई है.
नई बात से पुरानी बात भूल जाएंगेः अखिलेश
अखिलेश ने सहारनपुर दौरे के दौरान सीईओ की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर कहा, “इस बारे में मुझसे मेरी राय न पूछिए क्योंकि नई बात की वजह से आप पुरानी बात भूल जाएंगे.” उन्होंने कहा, “अगर बड़े लोगों को क्लीन चिट मिल गई है, तो छोटे कर्मचारी अब भी जेल में क्यों हैं? उन्हें भी रिहा करवाएं.”
सीईओ की नियुक्ति पर कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति करने वालों को ही पता होगा कि यह फैसला किस आधार पर लिया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर के दान की कथित चोरी का मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की धार्मिक आस्था से जुड़ा है.
दोषी लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाईः अराधना
अराधना मिश्रा ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) की तफ्तीश में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. पहले हमें यह बताएं कि दान और चढ़ावा चुराने वालों का क्या हुआ. उन्होंने यह आरोप लगाया कि कुछ छोटे कर्मचारियों को तो गिरफ्तार किया गया, लेकिन उस समय मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले लोगों खासकर चंपत राय और अनिल मिश्रा पर क्या कोई कार्रवाई हुई.
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी इस मामले में कथित तौर पर शामिल लोगों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “नई कमेटियां बनाई जा रही हैं और नया सीईओ नियुक्त किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने उन लोगों के खिलाफ क्या किया है जिन्होंने चंदा चोरी से पहले गड़बड़ी की थी?
चंपत और नृपेंद्र पर लिया जाए एक्शन: अजय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी एक निजी चैनल के साथ इंटरव्यू में इस नियुक्ति को लेकर CEO की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने चढ़ावे की चोरी के आरोप में चंपत राय और नृपेंद्र मिश्रा को जेल भेजने की मांग भी की.
दूसरी ओर, वाराणसी में, पातालपुरी मठ के प्रमुख जगतगुरु बालक दास देवाचार्य महाराज भी सीईओ के पद पर जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया. उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन सरकार की नियुक्त सीईओ की जगह संतों की देखरेख में होना चाहिए.
इस कदम को ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ बताते हुए देवाचार्य ने कहा कि नया नियुक्ति कसीईओ सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करेगा और मंदिर में ‘वीआईपी कल्चर’ को बढ़ावा दे सकता है.
इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कल बुधवार को हुई अहम बैठक में 62 साल के जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया.
IAF के पूर्व अफसर जितेंद्र मिश्रा के CEO बनने पर राशिद अल्वी ने उठाए सवाल, BJP ने साधा निशाना
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