UP News: UP में गंगा एक्सप्रेसवे का टोल टैक्स होगा सबसे महंगा, किन वाहनों को एक चक्कर के देने होंगे 11265 रुपये? – INA

Ganga Expressway Toll Rates: गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को लोकार्पण हुआ है. मगर इस एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज का सफर अब महंगा पड़ने वाला है. 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कार चालकों को एक तरफ का पूरा सफर करने के लिए 1800 रुपये टोल टैक्स चुकाना होगा. इससे गाड़ी मालिकों की जेब काफी ढीली होने वाली है. उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए टोल दरें जारी कर दी हैं. ये दरें वाहन के प्रकार के अनुसार तय की गई हैं. पूरा 594 किमी का सफर तय करने पर दो पहिया, तीन पहिया वाहनों और पंजीकृत ट्रैक्टर चालकों को 905 रुपये टोल देना होगा.
कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों को 1800 रुपये टोल देना होगा. जबकि, हल्के वाणिज्यिक वाहन और हल्के माल वाहनों को 2840 रुपये देने होंगे. बस और ट्रकों की बात करें तो उन्हें 5720 टोल देना होगा. भारी निर्माण मशीनरी, मिट्टी हटाने वाले वाहन और मल्टी एक्सल वाहनों (MAV) को 8760 रुपये देने पड़ेंगे. वहीं, उपकरण वाले बहुएक्सल वाहन और अत्यधिक बड़े वाहन 7 या अधिक एक्सल वालों के लिए 11265 रुपये टोल की दरें तय की गई हैं.
ये टोल दरें FASTag के माध्यम से स्वचालित रूप से कटेंगी. एक्सप्रेसवे पर कुल 14 टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जिनमें दो मुख्य टोल प्लाजा मेरठ और प्रयागराज में हैं, जबकि बाकी रैंप प्लाजा एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर स्थित हैं.
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समय की बचत, लेकिन खर्च बढ़ा
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएगा. सामान्य सड़कों से जहां यह सफर 10-12 घंटे या उससे अधिक लेता था, वहीं अब 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से यह यात्रा मात्र 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी. यह देश का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जो गंगा नदी के समानांतर है और पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इतना ऊंचा टोल आम लोगों और छोटे व्यापारियों के लिए बोझ साबित हो सकता है. विशेषकर जिन्हें नियमित रूप से इस मार्ग पर आना-जाना पड़ता है, उनके लिए मासिक खर्च काफी बढ़ जाएगा.
पहले अनुमानित था 1500-1515 का टोल
दरअसल, 1500-1515 रुपये अनुमानित था, लेकिन अंतिम घोषणा में यह 1800 रुपये तय हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. सरकार का दावा है कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन आम वाहन चालकों को अब हर यात्रा पर अतिरिक्त खर्च का हिसाब रखना होगा.
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यात्रा करने से पहले FASTag बैलेंस चेक कर लें और टोल दरों की पुष्टि कर लें, क्योंकि कुछ शुरुआती दिनों में छूट की भी संभावना जताई जा रही है. गंगा एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरना अब आरामदेह तो होगा, लेकिन जेब पर असर जरूर पड़ेगा.
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की टोल दरें
वहीं, बात करें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (जो कानपुर को भी जोड़ता है) की तो अप्रैल 2026 से यहां भी टोल दरें बढ़ी थीं. कार/जीप के लिए टोल लगभग ₹655 से ₹675, हल्के व्यावसायिक वाहनों (LCV) के लिए ₹1,035 और बस/ट्रक के लिए ₹2,150 तक है. यह 302 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे है, जिस पर 100 किमी/घंटा की गति सीमा निर्धारित है.
UP में गंगा एक्सप्रेसवे का टोल टैक्स होगा सबसे महंगा, किन वाहनों को एक चक्कर के देने होंगे 11265 रुपये?
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