केंद्र ने नागरिकता नियमों में बदलाव किए:अब ऑनलाइन होगा आवेदन, सरकार बोली- यह अधिकार नहीं, विशेषाधिकार- INA NEWS

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सिटिजनशिप (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करना होगा। साथ ही फिजिकल कार्ड के साथ e-OCI दस्तावेज की भी सुविधा दी गई है, जिससे प्रक्रिया ज्यादा सरल और डिजिटल हो जाएगी। नए नियमों में साफ किया गया है कि कोई नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। यह प्रावधान दोहरी नागरिकता से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाने के लिए जोड़ा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि OCI स्टेटस एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। यदि कोई धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। OCI से मिलती हैं ये सुविधाएं OCI कार्ड धारकों को भारत में आजीवन मल्टीपल एंट्री वीजा, आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि सरकार ने दोहराया है कि OCI धारकों को वोटिंग या संवैधानिक पदों जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते। सख्त किए गए हैं रद्द करने के नियम सरकार ने पहले ही नियम सख्त करते हुए कहा था कि यदि किसी OCI धारक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है या 7 साल या उससे ज्यादा सजा वाले अपराध में चार्जशीट होती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। 2005 में शुरू हुई थी OCI योजना OCI योजना 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के जरिए शुरू की गई थी। इसके तहत भारतीय मूल के लोगों को OCI के रूप में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाती है। हालांकि पाकिस्तान या बांग्लादेश से जुड़े लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाता।

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button