पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में विधि विधान से की गई गोवर्धन पूजा…भगवान श्री कृष्ण को लगाया अन्नकूट का भोग

जिला चंदौली ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) दीपावली के ठीक बाद महिलाओं द्वारा विधि विधान से गोवर्धन पूजा संपन्न की गई
मंदिरों सहित अपने घरों में महिलाओं ने अन्नकूट का भोग लगाकर भगवान श्री कृष्णा की पूजा संपन्न की

दरअसल पौराणिक कथा के मुताबिक द्वापर युग में इंद्रदेव के प्रकोप से बृजवासियों तथा जानवरों की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर लगातार हो रही बारिश से लोगों की रक्षा की थी तभी से दीपावली त्यौहार के ठीक बाद गोवर्धन पर्वत की पूजा का इतिहास है इस दिन महिलाओं द्वारा भगवान श्री कृष्ण को अन्नकूट का भोग लाकर विधि विधान से पूजा की जाती है। तहसील अंतर्गत लोगों द्वारा सामूहिक रूप से मंदिरों घर के सामने गोबर से घेरा बनाकर भगवान श्री कृष्ण की विधिवत पूजा के बाद अन्नकूट का भोग लगाया गया इस अवसर पर महिलाओं ने भजन गाकर भगवान श्री कृष्ण की आराधना की तथा विधि विधान से पूजा पाठ संपन्न किया । मुख्य रूप से नगर में परमार कटरा, जायसवाल भवन, नई बस्ती महमूदपुर, अलीनगर नई बस्ती, काली महाल, चतुर्भुज पुर आदि स्थानों पर महिलाओं ने परंपरागत तरीके भगवान गोवर्धन की पूजा की ब्रती महिलाओं में लक्ष्मी देवी ,निशा जयसवाल, दीपा जायसवाल, नीतू जायसवाल, आचल विश्वकर्मा , सुप्रिया वर्मा, मंजू विश्वकर्मा , अंजू ,पायल ,सोनी केसरी , अर्पिता पटेल,झुना देवी, कुसुम पूजा जायसवाल पिंकी गुप्ता,आदि महिलाएं शामिल रही मान्यता है कि आज ही के दिन द्वापर युग में इंद्रदेव द्वारा बृजवासियों पर कई दिन तक लगातार बारिश की गई जिसके कारण सभी बृजवासी व जानवर भगवान श्री कृष्ण की शरण में गए इसके बाद श्री कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठाकर उसके नीचे लोगों वह पशुओं को शरण दी थी तथा इंद्रदेव का मान मर्दन कर दिया था

तभी से परंपरा के अनुसार हर साल दीपावली के ठीक बाद गोवर्धन पूजा का विधान चला आ रहा है पूजा में प्रकृति वह मानव के बीच संबंध को भी रेखांकित करते हुए महिलाओं द्वारा गोवर्धन की पूजा की जाती है तथा भगवान श्री कृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है

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