खबर शहर , UP: ‘एआई से डरने की नहीं, समझने की जरूरत’, दीक्षांत में बोले पंकज अरोड़ा- युवाओं को पूरा करना है विजन-2047 – INA

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने कहा कि दीक्षांत शिक्षा का औपचारिक समापन नहीं है बल्कि आरंभ है। आपको जो डिग्री मिली है, वह अकादमिक योग्यता नहीं बल्कि समाज में अच्छे कार्य करने का जरिया है। उन्होंने छात्रों को सफलता का मूल मंत्र भी बताया। कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से डरने की नहीं बल्कि उसको समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को पूर्ण करने की दिशा में बढ़ रहा है। एक विश्वविद्यालय की शताब्दी केवल उसके समय की गणना नहीं है बल्कि ज्ञान अनुसंधान, नवाचार, और राष्ट्रीय निर्माण की सतत यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल डिग्री कंफर्म करने का नहीं है बल्कि समाज में योगदान देने का है।
उन्होंने लर्निंग नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में कॉन्सेप्ट दिया है कि हम सभी अपने दैनिक जीवन में छोटों और साथियों के साथ खेल मैदान या क्लास रूम में कुछ नया सीखते हैं। उन्होंने कहा कि 46 बेटियों ने पदक प्राप्त किए हैं, जो शिक्षा में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी का सशक्त प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि शरीर में एक मस्तिष्क है। इसका जितना अधिक उपयोग किया जाएगा यह उतना तेज होगा। मस्तिष्क कभी बूढ़ा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी विभिन्न विद्यालयों में पढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने विजन 2047 का जो सपना देखा है, जिसे युवाओं को पूरा करना है।