Crime- बीरू हत्याकांड:दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 2 गैंगों ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी; 28 घंटे बाद मारे गए शूटर -#INA

हांसी रोड पर युवक बीरू वाल्मीकि की भरे बाजार गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो आरोपी वीरवार की रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए। बीरू के परिजन और वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग लेकर दिनभर हंगामा, प्रदर्शन और रास्ता जाम किया था। हत्या की वारदात के लगभग 28 घंटे बाद घोघड़ीपुर गांव में पश्चिमी यमुनानगर के किनारे पर यह एनकाउंटर हुआ है।
पुलिस ने मारे गए बदमाशों की पहचान नीलोखेड़ी के काला माजरा गांव के निवासी हर्ष और कैथल के मटरवा खेड़ी गांव के निवासी बीरबल के रूप में की है। पुलिस का दावा है कि इन दोनों ने ही बीरू को गोली मारी थी। दोनों बदमाश भाड़े के हत्यारे हैं। इनके जुर्म की कुंडली खंगाली जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से इसकी जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस इनकी तलाश में लगी थी। कुल पांच टीमें जगह-जगह दबिश दे रही थीं।
इसके अलावा चार टीमें शहर के बाहरी इलाके में चेकिंग पर लगाई गई थीं। रात में सूचना मिली कि घोघड़ीपुर में संदिग्ध युवक घूम रहे हैं। पुलिस की एक टीम वहीं पर पहले से मौजूद थी। पुलिस का दावा है कि दो संदिग्ध बाइक पर जा रहे थे। सीआईए की टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया गया। इस पर रुकने के बजाय उन्होंने बाइक और तेज दौड़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस की ओर से भी गोली चलाई गईं।
एक बदमाश के पैर और एक की कमर में गोली लगी है। गोली लगते ही दोनों लहूलुहान होकर गिर पड़े। उन्हें जिला नागरिक अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आशंका है कि दोगड़ीपुर में उनके साथी छिपे हो सकते हैं, इसलिए गांव और आसपास पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। हत्या में नामजद पांच और आरोपियों की तलाश में रात में ताबड़तोड़ दबिश भी दी गई। उधर, मुठभेड़ की जानकारी पर आईजी अशोक कुमार और एसपी नरेंद्र बिजरानिया भी मौके पर पहुंच गए।