आगरा के रामबाग चौराहे पर मेट्रो के पिलर निर्माण कार्य के दौरान पानी की 800 एमएम व्यास की मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने पर जलकल विभाग ने मेट्रो पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यूपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन को ही मरम्मत का पूरा खर्च उठाना है। 15 लाख रुपये का जुर्माना पानी की बर्बादी के कारण लगाया गया है।
रविवार को यूपीएमआरसी ने रामबाग चौराहे पर यमुनापार पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन तोड़ दी थी। इससे तीन दिन तक यमुनापार इलाके में पानी का संकट बना रहा। करीब पांच लाख लोग इससे परेशान हुए। इस मामले में ट्रांसयमुना के पार्षद और भाजपा पार्षद दल के उपनेता प्रकाश केसवानी ने लाखों लोगों की समस्या उठाते हुए जलकल विभाग से मेट्रो पर जुर्माना लगाने के लिए कहा था। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता प्रेमचंद्र आर्य ने लाखों लीटर पानी बर्बाद होेने पर जलकर के रूप में 15 लाख रुपये का जुर्माना मेट्रो काॅर्पोरेशन पर लगाया है। जलकल विभाग को यमुनापार पानी की आपूर्ति के लिए हर दिन 55 से 62 टैंकर भेजने पड़े थे। यह खर्च भी जलकल विभाग को उठाना पड़ा।