खबर शहर , Agra News: सिंगापुर और हांगकांग की शेल कंपनियों को भेजा करोड़ों का सीएसआर फंड – INA

आगरा। ताजगंज के चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत देशभर के कई शहरों में 36 सीए व 394 कंपनियों व ट्रस्टों पर आयकर विभाग की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। पिछले तीन वर्षों के डाटा विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर कई संस्थाओं की पहचान की गई है, जिन्होंने संदिग्ध रूप से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा भेजी है। इनमें हांगकांग और सिंगापुर की शेल कंपनियों में करोड़ों की रकम भेजने की बात सामने आई है।

विभाग की शुरुआती जांच में फर्जी धर्मार्थ ट्रस्टों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह फर्जी दान और योगदान के बदले अकोमोडेशन एंट्री (रकम का हेरफेर) कर रहे थे। यह तथ्य भी सामने आया कि विदेशी मुद्रा भेजने वाली ये संस्थाएं या तो आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं कर रही थीं या फिर बेहद मामूली टर्नओवर दिखा रही थीं। इन संस्थाओं के भेजे गए भारी-भरकम फंड और उनके टर्नओवर में कोई मेल नहीं था।

इसके अलावा, माल भाड़े के भुगतान, सॉफ्टवेयर आयात या परामर्श सेवाओं के नाम पर विदेश भेजी गई रकम का कोई कारण साबित नहीं हो रहा था। यह भी पाया गया कि कई संस्थाएं अपने दिए गए पतों पर मौजूद ही नहीं हैं। मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि पेशेवरों (सीए) के एक छोटे से समूह की ओर से अत्यधिक संख्या में फॉर्म 15सीबी/फॉर्म 146 जारी किए गए थे।

आयकर नियमों के अनुसार, किसी भी विदेशी हस्तांतरण को प्रमाणित करने वाले अकाउंटेंट का यह दायित्व है कि वह संबंधित खातों की बहियों की गहन जांच करे और कर-योग्यता की पुष्टि करे। हालांकि, जांच के निष्कर्षों से यह चिंता उत्पन्न हुई है कि इन प्रमाणपत्रों को जारी करने से पहले उचित और पर्याप्त जांच नहीं की गई। फिलहाल तीन दिन की जांच में देश के सीमावर्ती जिलों और राज्यों में स्थित 117 इकाइयों सहित कुल 394 संदिग्ध संस्थाओं और 36 पेशेवरों को जांच के दायरे में लिया गया है।

देश की निजी कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलटी (सीएसआर) फंड का गबन करने का मामला पिछले साल आगरा और मथुरा के ट्रस्ट व तीन सीए के ठिकानों पर आयकर की सर्च के बाद सामने आया था। सूत्रों के अनुसार प्रधान आयकर कानपुर की आगरा यूनिट की टीम ने इसका खुलासा किया। जांच में पता चला है कि देश की नामी कंपनियों से बतौर सीएसआर फंड करोड़ों रुपये मथुरा के जन जागृति सेवा संस्थान, अहमदाबाद के रागिनी बेन विपिन चंद्र सेवा कार्य ट्रस्ट और भीलवाड़ा के बृज मोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान नाम के ट्रस्ट में जमा हुए। इस दौरान आगरा, मुंबई अन्य शहर के तीन सीए भी जांच के दायरे में आए थे।


Credit By Amar Ujala

Back to top button