Tach – Smartphone Price Hike :15 हजार वाला फोन अब 19 हजार का, वीवो, सैमसंग और Xiaomi ने बढ़ा दिए दाम

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Smartphone Price Hike : अगर आप इस समय अपने लिए एक नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार से आपके लिए अच्छी खबर नहीं है. मार्च तिमाही में अलग-अलग ब्रांड्स ने अपने हैंडसेट्स की कीमतों में 15 से लेकर 30 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है. वीवो, सैमसंग और Xiaomi सहित लगभग सभी कंपनियों ने अपने कुछ पॉपुलर फोन्स के रेट में इजाफा किया है.
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार जानकारों का कहना है कि स्मार्टफोन की कीमतों में आगे और इजाफा हो सकता है. कीमत बढ़ने के कारण आने वाले समय में मोबाइल की कुल बिक्री में 10 फीसदी तक की गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है. बाजार में मंदी और महंगाई का यह दोहरा वार फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भारतीय रुपये में आई कमजोरी से कलपुर्जों का आयात महंगा होने और मेमोरी चिप्स की आसमान छूती कीमतों ने स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को काफी बढ़ा दिया है. इस वजह से स्मार्टफोन कंपनियों को दाम बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
15 हजार रुपये के बजट सेगमेंट के अंदर आने वाले मोबाइल फोन सबसे ज्यादा महंगे हुए हैं. भारत में बिकने वाले लगभग 200 से ज्यादा मोबाइल मॉडल्स में से 80 से अधिक मॉडल्स के दाम आधिकारिक तौर पर बढ़ चुके हैं. जो नए मॉडल अब बाजार में लॉन्च हो रहे हैं, वे भी पुराने मॉडल्स की तुलना में 25 से 30 फीसदी अधिक कीमत पर आ रहे हैं.
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वीवो और रियलमी के कई पॉपुलर फोन काफी महंगे हो गए हैं. VIVO Y31 जो पहले 14,999 रुपये में आसानी से मिल जाता था, अब उसकी कीमत बढ़कर 18,999 रुपये हो गई है. इसी तरह, Realme C85 की कीमत भी 15,499 रुपये से उछलकर सीधे 18,999 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है.
शाओमी, सैमसंग और ओप्पो के कई मॉडल्स के रेट बढ़ गए हैं. Xiaomi Redmi 15 अब 14,999 की जगह 16,499 रुपये में मिल रहा है, जबकि Samsung Galaxy A17 की कीमत 18,999 से बढ़कर 19,499 रुपये हो गई है. Oppo A6X में देखी गई है, जो 13,499 रुपये से बढ़कर अब 16,999 रुपये का हो गया है.
मेमोरी, स्टोरेज, करेंसी और एनर्जी की लागत बढ़ने से उत्पादन प्रक्रिया काफी महंगी हो गई है. इसका नकारात्मक प्रभाव बाजार की सेहत पर भी पड़ा है और पिछले 6 सालों में पहली बार मोबाइल फोन की बिक्री में 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. कंपनियों के लिए अब पुरानी कीमतों पर फोन बेचना संभव नहीं रह गया है क्योंकि उनका खर्च लगातार बढ़ रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता क्रेज भी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग पर भारी पड़ रहा है. दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर बनाने के लिए भारी मात्रा में हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी चिप्स की खरीदारी कर रही हैं. चिप बनाने वाली कंपनियों का पूरा ध्यान अब एआई सेक्टर की ओर शिफ्ट हो गया है क्योंकि वहां मांग और मुनाफा दोनों ज्यादा है. इसके कारण कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए चिप्स की सप्लाई में भारी कमी आ गई है.
युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता के कारण एनर्जी रिसोर्सेज जैसे एलएनजी (LNG) और हीलियम की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है. चूंकि स्मार्टफोन के कुल निर्माण खर्च में मेमोरी और एनर्जी का बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए इन वैश्विक संकटों का सीधा असर आपकी और हमारी जेब पर पड़ रहा है.
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