उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद से काफी कम है। प्रदेश में 1 जून से 31 जुलाई तक सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि जुलाई में पहले के मुकाबले अधिक बारिश हुई, जिससे कमी घटकर 17 प्रतिशत हो गई।
जुलाई में प्रदेश में कुल 217.7 मिमी बारिश हुई जबकि सामान्य वर्षा 261.7 मिमी होती है। यानी 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने से बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह तेज होगा। इसका असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ेगा। दो अगस्त से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश तो कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।
अगस्त में भी औसत से कम रहेगी बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त में प्रदेश के पूर्वी व दक्षिणी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि पूरे महीने की औसत से कम बारिश होने की संभावना है।