UP News: Lucknow Flood: 40 हजार घरों में पानी, 3.5 लाख लोग प्रभावित… लखनऊ में बाढ़ का ग्राउंड जीरो हाल, कैसे कट रही लोगों की जिंदगी? – INA

Lucknow Floods: उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन राजधानी लखनऊ में बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गोमती और सई नदियों का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है. हालात ऐसे हैं कि कई जगह घरों तक पहुंचने के लिए लोगों को ट्रैक्टर और नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. सड़कों पर पानी है और कई इलाकों में लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
लखनऊ के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है. कई कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है. लोगों का रोजमर्रा का काम प्रभावित हो गया है. कई परिवार सुरक्षित जगहों की ओर जाने को मजबूर हैं. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
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फैजुल्लागंज में सबसे ज्यादा खराब हालात
राजधानी का फैजुल्लागंज इलाका बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां करीब 40 हजार घरों में पानी भर गया है. कई जगह पानी 4 से 5 फीट तक पहुंच गया है. पूरा इलाका जलभराव के कारण तालाब जैसा नजर आ रहा है. फैजुल्लागंज की राम विहार कॉलोनी में हालात बेहद खराब हैं. यहां लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर और नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस तरह के हालात पहले कभी नहीं देखे. बाढ़ के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. घरों में पानी घुसने से सामान खराब होने का खतरा है. वहीं, जरूरी सामान और खाने-पीने की चीजों के लिए भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
डालीगंज से ठाकुरगंज तक पानी ही पानी
फैजुल्लागंज के अलावा डालीगंज, निशातगंज और ठाकुरगंज के कई निचले इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं. गोमती रिवर फ्रंट के आसपास भी पानी भर गया है. आमतौर पर जहां लोग घूमने और समय बिताने पहुंचते हैं, वहां अब बाढ़ का पानी नजर आ रहा है. कई सड़कों और रास्तों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बाढ़ के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की मजबूरी है. कुछ इलाकों में प्रशासन और राहत दल लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं.
3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ में बाढ़ और जलभराव से 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. करीब 40 हजार घरों में पानी पहुंचने की बात सामने आई है. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिया है. लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों और स्टीमर का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रशासन की टीम लगातार जलभराव वाले इलाकों का जायजा ले रही है. जरूरत के मुताबिक लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है.
प्रशासन ने बनाए 4 राहत शिविर
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन की ओर से चार राहत शिविर बनाए गए हैं. इसके अलावा कई जगह मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. प्रशासन ने राहत कार्य के लिए करीब 30 नावें तैनात की हैं. प्रभावित इलाकों में राहत किट और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है. लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज और फॉगिंग का काम भी तेज किया गया है. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव के संसाधन और बढ़ाए जाएंगे.
गोमती रिवर फ्रंट अगले आदेश तक बंद
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गोमती रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए स्टीमर की मदद ली जा रही है. जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. डीएम विशाख जी. ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली. अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन की टीमें पानी से घिरे इलाकों में लगातार काम कर रही हैं.
सीएम योगी ने किया हवाई सर्वे
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रशासन की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. वहीं, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. प्रशासन की ओर से लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी.
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ में बाढ़ और जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर तंज कसा. अखिलेश यादव ने लिखा कि, “मुख्यमंत्री जी की निकासी का समय आ गया, लेकिन लखनऊ में अपने घर के पास के क्षेत्र में जलभराव की निकासी नहीं कर पाए.” उन्होंने घर और परिवार के महत्व का जिक्र करते हुए सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए.
लोगों को राहत का इंतजार
लखनऊ में बाढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जिन इलाकों में कुछ दिन पहले तक सामान्य जिंदगी चल रही थी, वहां अब पानी भरा हुआ है. कहीं लोग ट्रैक्टर के सहारे घरों तक पहुंच रहे हैं तो कहीं नाव और स्टीमर से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि पानी कब उतरेगा और वे कब अपने घरों में सामान्य तरीके से लौट पाएंगे. प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है.
(टीवी9 ब्यूरो रिपोर्ट)
Lucknow Flood: 40 हजार घरों में पानी, 3.5 लाख लोग प्रभावित… लखनऊ में बाढ़ का ग्राउंड जीरो हाल, कैसे कट रही लोगों की जिंदगी?
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